बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पार्टी के भीतर ही गडकरी के खिलाफ विरोध के सुर अब खुलकर बुलंद हो रहे हैं। महेश जेठमलानी के बाद अब बीजेपी के कई नेता गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष पद दिए जाने के पक्ष में नहीं है। बीजेपी का एक धड़ा जिसमें यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह और राम जेठमलानी और गुरुमूर्ति हैं, ने आज बैठक की है। कहा जा रहा है कि ये नेता लाल कृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
बीजेपी का ये धड़ा पार्टी में चल रही गतिविधियों से खुश नहीं है। ये धड़ा गडकरी को दोबारा अध्यक्ष नहीं बनाना चाहता है। उधर राम जेठमलानी ने एक टीवी न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में कहा है कि उनके बेटे महेश जेठमलानी का बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा सही कदम है। राम जेठमलानी ने कहा कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व गडकरी को अध्यक्ष पद से हटाना चाहता है लेकिन कोई खुलकर नहीं बोल रहा है।
जेठमलानी ने दावा किया कि यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह और शत्रुघ्न सिन्हा उनके संपर्क में हैं और उन्हें उम्मीद है कि वो भी गडकरी से खुश नहीं हैं। राम जेठमलानी ने कहा कि गडकरी पर उनके रुख का पार्टी में उनका किसी ने विरोध नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि विवेकानंद मामले के बाद वो नहीं चाहते गडकरी से जुड़े रहना। जेठमलानी के मुताबिक ये व्यक्तिगत मामला नहीं है। जब भी किसी पब्लिक सर्वेंट पर आरोप लगाए जाते हैं तो वो जब तक अपने आप को आरोप मुक्त नहीं कर लेते हैं तब तक के लिए इस्तीफा दे देते हैं। गौरतलब है कि यशवंत सिंहा और गुरुमूर्ति, दोनों ने यशवंत सिंह के घर में मुलाकात की है। राम जेठमलानी और महेश जेठमलानी ने जो सवाल उठाए हैं उसपर चर्चा करने के लिए बैठक की। वहीं बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि जेठमलानी क्या बोलते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने जेठमलानी के बयान पर कहा कि अगर वो ऑफिशियल पार्टी के फोरम पर बोलें तब तो प्रतिक्रिया देने की बात भी है। मुझे नहीं लगता की इसपर कोई भी प्रतिक्रिया देना सही है

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