येदुरप्पा को मनाने में भाजपा नाकाम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 11 नवंबर 2012

येदुरप्पा को मनाने में भाजपा नाकाम


कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदयुरप्पा को अलग पार्टी बनाने से रोकने की बीजेपी की आखिरी कोशिश भी नाकाम रही। येदयुरप्पा 9 दिसंबर को अलग पार्टी का ऐलान करने के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। पिछले साल सीएम का पद छोड़ने वाले येदयुरप्पा ने बीजेपी के साथ बातचीत के सभी दरवाजे लगभग बंद कर लिए हैं। उन्होने ऐलान किया है कि वह अब बीजेपी से काफी दूर जा चुके हैं और हर हाल में 9 दिसंबर को एक रैली में नई पार्टी की घोषणा करेंगे। येदयुरप्पा को मनाने के लिए बीजेपी के सीनियर लीडर अरुण जेटली बेंगलुरु पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने आरएसएस नेता के घर पर येदयुरप्पा से मुलाकात की और उन्हें पार्टी छोड़ने का फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की।

येदयुरप्पा ने पार्टी नेतृत्व पर उनके साथ गलत ट्रीटमेंट करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं अपने फैसले पर कायम हूं। अब पीछे मुड़ने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।' उन्होंने जेटली के साथ मुलाकात की बात को भी नकार दिया। उन्होंने कहा, 'मैं जेटली का सम्मान करना हूं, लेकिन किसी से मिलने या अपना फैसला बदलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। मैं किसी तरह का बदला लेने के लिए बीजेपी नहीं छोड़ रहा। कर्नाटक को लेकर मेरे मन में कई सपने हैं, जिन्हें मैं बीजेपी में रहते हुए पूरा नहीं कर सकता। अब मैं उन सपनों को पूरा करके कर्नाटक को प्रगतिशील राज्य बनाना चाहता हूं।' येदयुरप्पा ने कहा कि उन्हें लोगों का समर्थन हासिल है, ऐसे में उन्हें किसी बात की फिक्र नहीं है। 70 साल के येदयुरप्पा तभी से नाराज चल रहे हैं, जब से उन्हें करप्शन के आरोपों में घिरने पर सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। येदयुरप्पा ही थे, जिनके नेतृत्व में बीजेपी पहली बार किसी दक्षिण भारतीय राज्य में सरकार बना पाई थी। लेकिन अब वह पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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