हाथों में मेहंदी रचाने की शौकीन महिलाओं और लड़कियों को डॉक्टरों ने सावधान किया है। त्योहारों के मौसम में बाजारों में लगाई जाने वाली मेहंदी में कई तरह के रसायन होते हैं जो त्वचा संक्रमण का कारण हो सकते हैं। सर गंगाराम अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर रोहित बत्रा का कहना है "इन दिनों हर रोज 8-10 मरीज हाथों में मेहंदी लगाने से हुए गंभीर दुष्प्रभावों की वजह से अस्पताल पहुंच रहे हैं। शादी और त्योहारों की वजह से इन दिनों मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है। सामान्य दिनों में एक से दो लोग ही महीने में इस तरह की समस्या लेकर आते हैं।"
मेहंदी के रंग को गहरा करने के लिए इसमें खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं। इससे त्वचा में जलन, सूजन, खुजली और खरोंच के निशान बन जाने का खतरा होता है। डॉक्टर बत्रा ने महिलाओं और लड़कियों को बाजारू मेंहदी का उपयोग न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कोई भी लक्ष्ण सामने आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें वरना देर होने से एलर्जी पूरे शरीर में फैल सकती है।
गुड़गांव के स्किन एन्ड स्माइल क्लिनिक के त्चचा रोग विशेषज्ञ सचिन धवन का कहना है "मेहंदी से होने वाले त्वचा रोग के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं को बाजार की मेहंदी के उपयोग से बचना चाहिए और प्राकृतिक मेहंदी प्रयोग करनी चाहिए। रासायनों से तैयार मेहंदी त्वचा पर स्थायी निशान छोड़ जाती है जिससे कैंसर का खतरा होता है।"
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