भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) के पूर्व अधिकारी आर.पी. सिंह कांग्रेस पार्टी एवं सरकार के हाथों में खेल रहे हैं। आर.पी. सिंह ने कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन रिपोर्ट पर उनसे जबरदस्ती हस्ताक्षर कराए गए थे। समाचार पत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार सीएजी में डाक एवं दूरसंचार के पूर्व महानिदेशक सिंह ने लोक लेखा समिति के प्रमुख भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित हानि की सीएजी की रिपोर्ट को प्रभावित करने की सम्भावना व्यक्त की थी।
सीएजी ने पत्र से कहा था कि 2जी पर समिति की रिपोर्ट तैयार कराने के लिए सीएजी के अधिकारी छुट्टी के दिन भी जोशी के आवास पर गए थे। जोशी ने सिंह के बयान को सीएजी को अपमानित करने का प्रयास बताया। जोशी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, "सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को ढकने का यह आखिरी प्रयास है, जिसमें वह गले तक डूबी हुई है। आर.पी. सिंह ने यह मामला तब क्यों नहीं उजागर किया जब वह सीएजी में थे? अवकाश ग्रहण करने के बाद वह ऐसे दावे कर रहे हैं। यह सीएजी एवं लोक लेखा समिति की छवि धूमिल करने का प्रयास है।"
भाजपा नेता ने कहा कि समिति ने बयान दर्ज कराने के लिए सिंह को बुलाया था और उन्होंने कभी भी सिंह से रिपोर्ट पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करने के लिए कहा। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि सिंह सितम्बर 2011 में अवकाश ग्रहण कर लिया था और यह खुलासा करने के लिए एक साल का समय लिया। प्रसाद ने कहा कि सिंह कांग्रेस एवं सरकार के हाथों खेल रहे हैं।
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