मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में DIG जेल उमेश गांधी के घर लोकायुक्त का छापा पड़ा जिसमें 25 करोड़ की संपत्ति का पता चला है. शनिवार को भोपाल में जेल के सामने स्थित जेल डीआईजी के सरकारी निवास पर यह छापा पड़ा है. उनपर पुलिस में होने वाली भर्ती में धांधली करने का आरोप है. लोकायुक्त पुलिस सूत्रों के मुताबिक छापे में प्रॉपर्टी के कई कागजात के साथ ही बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर मिले हैं.
पुलिस ने उमेश गांधी के घर के साथ ही साथ सागर में उनकी सीड फैक्ट्री पर भी छापेमारी की. लोकायुक्त पुलिस की एक टीम ने सुभाष नगर में जेल डीआईजी के भाई अजय गांधी के घर भी छापा मारा. अजय गांधी भी जेल पुलिस में कार्यरत हैं. छापेमारी को लेकर अजय का कहना है कि कुछ गलत नहीं किया गया है वो लोकायुक्त को हर चीज का हिसाब देंगे.
लोकायुक्त सूत्रों का कहना है कि जेल डीआईजी के खिलाफ लंबे समय से शिकायत मिल रही थी जिसके बाद आज कार्रवाई की गई है. इस छापे के कार्रवाई में फिलहाल डीआईजी जेल उमेश गांधी की संपत्तियों का खुलासा हुआ है जिसमें भोपाल के गांधी नगर में प्लॉट, भोपाल में ही तीन फ्लैट भाई की पत्नी के नाम पर ब्यूटी पार्लर का पता चला है. वहीं अभी तक ढ़ाई लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं.
डीआईजी जेल पर रीवा में सिपाहियों की भर्ती में गड़बड़ी का आरोप था. ग्वालियर जेल अधीक्षक रहते हुए भी गड़बड़ियों के खिलाफ उमेश गांधी के खिलाफ विभागिय जांच हुई थी. इससे पूर्व शुक्रवार को एक क्लर्क की करोड़ों की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इन दिनों लोकायुक्त का छापा लगातार पड़ रहा है और इसके लिए खुद मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने सबको निर्देश दे रखे हैं. दो दिन पहले ही शिवराज चौहान ने बताया था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त के छापों का एमपी में कितना असर है.
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