अगले वित्तीय वर्ष तक मिल जाएंगे चिकित्सक: नेगी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

अगले वित्तीय वर्ष तक मिल जाएंगे चिकित्सक: नेगी


  • गन्ने कर समर्थन मूल्य घोषित
  • राज्य के मेडिकल कॉलेज से निकले डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्यवाही: हरक


चिकित्सकों की बदलाही से जूझ रहे उत्तराखण्ड को 400 चिकित्सक इस वित्तीय वर्ष तक मिल जाएंगे, वहीं राज्य में जहां 1182 एलोपैथिक चिकित्सक, 306 आयुर्वेदिक चिकित्सक तथा 22 पद होम्योपैथिक चिकित्सकों के खाली हैं। चिकित्सा मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने सदन में स्वीकार किया है कि राज्य में चिकित्सकों का अभाव है। वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश में गन्ने के मूल्य की भी घोषणा कर दी, जिसमें अगेती प्रजाती के गन्ने का 295 रूपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाती का 285 रूपये प्रति कुन्तल दाम घोषित किए गए। विपक्ष गन्ने के दाम में 10 रूपये प्रति कुन्तल की और बढ़ोत्तरी की मांग कर रहा था, जिसे गन्ना मंत्री ने अस्वीकार कर दिया। इस पर विपक्षी सदस्य वैल में आकर सरकार को किसान विरोध होने का नारा लगाने लगे, हंगामा होता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 1ः25 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 
    
प्रश्न काल के दौरान लैंसडाउन क्षेत्र के विधायक दलीप सिंह रावत के एक सवाल के जवाब में चिकित्सा मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य को लोक सेवा आयोग से 400 होम्योपैथिक चिकित्सक मिल गए हैं, वहीं उन्होंने कहा कि राज्य में संविदा पर चिकित्सकों को मानदेय को भी बढ़ाया गया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से हमें 103 चिकित्सक मिलने थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार द्वारा उनसे भराए गए शपथ पत्र में खामियों के चलते वे राज्य में सेवा देने को इच्छुक नहीं हैं। लिहाजा राज्य सरकार अब उन पर वैधानिक कार्यवाही कर रही है, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उनको बहुत कम शुल्क लेकर डाक्टर बनाया है और उन्हें राज्य की सेवा करनी चाहिए थी, लेकिन वे सेवा करने के इच्छुक नहीं बताए जा रहे हैं, राज्य सरकार उनसे प्रशिक्षण काल की भरपाई भू-राजस्व वसूली के रूप में करेगी। विधानसभा में राज्य में जनपदवार ऐलोपैथिक चिकित्सकों के रिक्त पदों पर चिकित्सा मंत्री ने बताया कि पौड़ी में 298 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 143 कार्यरत हैं जबकि 155 पद रिक्त हैं, रूद्रप्रयाग में स्वीकृत 93 के स्थान पर 37 कार्यरत हैं जबकि 56 पद रिक्त हैं, उत्तरकाशी में जहां 110 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 45 डाक्टर कार्यरत हैं यहां 65 पद रिक्त चल रहे हैं, चमोली जनपद में 149 पदों के सापेक्ष 48 कार्यरत हैं जबकि 101 पद रिक्त हैं, वहीं देहरादून में 348 पदों के सापेक्ष 257, टिहरी में 182 के सापेक्ष 74, हरिद्वार में 177 के सापेक्ष 104, पिथौरागढ़ में 159 के सापेक्ष 62, बागेश्वर में 80 के सापेक्ष 39, चम्पावत में 90 के सापेक्ष 33, अल्मोड़ा 274 के सापेक्ष 117 तथा नैनीताल में 294 के सापेक्ष 164 डाक्टर कार्यरत हैं। कुल मिलाकर राज्य में ऐलोपैथिक चिकित्सों के 1182 पद रिक्त हैं। 
   
प्रश्नकाल के बाद गन्ना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने गन्न के समर्थन मूल्य की घोषणा की, घोषणा से पूर्व उन्होंने कहा कि चीनी मिल एवं गन्ना किसान एक दूसरे के पूरक हैं, इसलिए मूल्य निर्धारण में दोनों के हितों का ख्याल रखा जाना जरूरी हैं, उन्होंने कहा कि अगेती प्रजाती के लिए 295 और सामान्य प्रजाती के लिए 285 रूपये प्रति कुन्तल गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया है, यह मूल्य पंजाव, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से अधिक है। कांग्रेस के सरबत करीम अंसारी ने डीजल गैस की कीमत में हुई बढ़ोत्तरी को देखते हुए गन्ने के समर्थन मूल्य को 500 रूपये प्रति कुन्तल करने की मांग की। भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष अजज भट्ट, मदन कौशिक, संजय गुप्ता, राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला आदि ने खड़े होकर राज्य में गन्ने का मूल्य उत्तर प्रदेश से 10 रूपया ज्यादा करने की मांग की। गन्ना मंत्री ने कहा कि समय पर भुगतान हो यह जरूरी है, इस पर भाजपा सदस्य वैल में आ गए और उन्होंने गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की। हंगामा बढ़ता देखा विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंज्वाल ने सदन को 1ः25 बजे तक स्थगित कर दिया। 
    
काम रोको प्रस्ताव को लगातार अंदेखा किए जाने को लेकर भाजपा विधायक भीमलाल आर्य लगातार दूसरे दिन भी वैल में आए, काम रोको प्रस्ताव की सूचना पढ़ते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें तीन सूचनाएं मिली हैं, जिसमें एक मदन कौशिक इत्यादी की कानून व्यवस्था से संबंधित सूचना को नियम 58 में स्वीकार किया जा रहा है, इस पर भाजपा विधायक भीमलाल आर्य ने कहा कि वे चार दिन से लगातार सूचना लगा रहे हैं, किन्तु उनकी सूचना की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे नियम 58 के तहत अधिकतम पांच सूचनाएं ही ले सकते हैं। कानून व्यवस्था की सूचना तात्कालिक है, इसलिए इसे शामिल किया जा रहा है, भीमलाल इसका विरोध करते हुए वैल में आ गए और बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी आर्य की सूचना को स्वीकार करने का अनुरोध किया। इसी बीच गन्ना मंत्री ने गन्ने के समर्थन मूल्य की घोषणा करनी शुरू कर दी और विधायकों को हो-हल्ले के बीच भीमलाल आर्य की बात दब गई। भाजपा विधायक पुष्कर सिंह धामी के एक सवाल के जवाब में गन्ना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि 25 नवम्बर को छहः किसानों के खेत में खटीमा के बंदीया क्षेत्र में आग लग जाने से 31 बीद्या गन्ना जल गया, किसानों का जला गन्ना चीनी मिल चलने पर चीनी मिल की सहमति के आधार पर चीनी मिल को 24 घण्टे के अंदर आपूर्ति करने प्रावधान है, लेकिन दुर्घटना की तारीख और समय चीनी मिल कार्यशील नहीं थी, इस पर विधायक पुष्कर सिंह धामी सहित मदन कौशिक और राजेश शुक्ला ने क्षतिपूर्ती की मांग की। इस मांग पर मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति सहानुभूति जताते हुए शासन ने विवरण मंगाकर 30 फीसदी मुआवजा देने की घोषणा की, लेकिन विधायक शुक्ला और हरभजन सिंह चीमा ने इस मुआवजे राशि को 30 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया। वहीं नियम 300 के अंतर्गत रूद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि उधमसिंह नगर जनपद का मुख्यालय रूप्रपुर है, लेकिन जिला मुख्यालय रूद्रपुर की तहसील 15 किलोमीटर दूर किच्छा में है, जिससे लोगों को समस्या हो रही है, उन्होंने सरकार से में की कि रूद्रपुर में तहसील और रजिस्ट्रार कार्यालय स्थापित किया जाए। वहीं नियम 58 के तहत विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना ने राज्य के 2253 प्रशिक्षु शिक्षकों के नियुक्ति के बाद सरकारी लापरवाही के चलते उनके रोजगार पर संकट का मामला उठाया। 
    
विधायक आदेश चौहान में हरिद्वार जिले में अन्य राज्यों से प्राप्त शस्त्र लाइसेंस के पंजीकृत का मामला उठाया। अनुपूरक प्रश्न में रूद्रपुर के विधायक राजकुमार ठुकराल जिला ऊधम सिंह नगर में बिना जांच किये सैकड़ों लाइसेंस निरस्त करने का मामला उठाया जिस पर संसदीय कार्यमंत्री इन्दिरा हद्वयेश ने बताया कि पड़ोसी राज्यों बनें लाईसेंस का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा लोग ही कर सकते है। 



(राजेन्द्र जोशी)

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