केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आर.पी.एन. सिंह ने मंगलवार को कहा कि नए राज्य केवल तभी गठित किए जाएंगे, जब उन पर वहां व्यापक सहमति होगी, क्योंकि इस तरह के निर्णयों के व्यापक असर होते हैं। सिंह ने राज्यसभा में कहा कि किसी भी नए राज्य के गठन के व्यापक असर होते हैं और देश की संघीय राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ता है।
उन्होंने कहा, "सरकार ऐसे मामलों पर तभी आगे कदम बढ़ाती है, जब उस राज्य में इसे लेकर व्यापक सहमति हो। सरकार सभी प्रासंगिक कारकों पर विचार करने के बाद ही मामले पर कोई निर्णय लेती है।" सिंह ने कहा कि नए राज्यों के गठन के लिए समय-समय पर व्यक्तियों व संगठनों की ओर से मांगें और प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं। इसमें आंध्र प्रदेश में तेलंगाना, महाराष्ट्र में विदर्भ, गुजरात में सौराष्ट्र, कर्नाटक में कूर्ग, ओडिशा में कोशलांचल, पश्चिम बंगाल में गोरखालैंड और बिहार में मिथिलांचल राज्यों के गठन की मांगें शामिल हैं।
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