बिहार में जहरीली शराब पर राजनीति तेज - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 10 दिसंबर 2012

बिहार में जहरीली शराब पर राजनीति तेज


बिहार के भोजपुर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या में जैसे-जैसे वृद्धि हो रही है वैसे-वैसे इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। कई राष्ट्रीय दलों के नेता मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट कर आए हैं तो कई नेता प्रभावित गांव में जाने की तैयारी में हैं। भोजपुर में पिछले चार दिनों में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है।  बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार के सदस्यों के लिए इंदिरा आवास, 10 लाख रुपये और अगले छह माह का अनाज की व्यवस्था करने की मांग सरकार से की है। पूर्वे ने कहा कि सरकार की गलत शराब नीति के कारण आज कितने घरों के चूल्हे जलने बंद हो गए। 

वे कहते हैं कि गरीबों की मौत किसी त्रासदी से कम नहीं, परंतु सरकार किताब के स्थान पर शराब और विद्यालय की जगह मदिरालय खोलने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि रविवार को राजद का एक दल प्रभावित इलाके का दौरा कर लौटा है।  इस बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने बिहार में शराबबंदी की मांग करते हुए इस घटना के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे तक की मांग कर डाली। पासवान ने कहा कि भोजपुर में जहरीली शराब से मरने वालों में सबसे अधिक संख्या महादलितों की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को बतौर मुआवजा 15-15 लाख रुपये देने की मांग की और कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण इन गरीबों की मौत हुई है। 

उन्होंने कहा कि इतनी मौतों के बाद नीतीश को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि अगर यह सरकार कुछ दिन और सत्ता में रही तो राज्य के 90 प्रतिशत लोग शराब के आदी हो जाएंगे।  लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी रविवार की देर रात भोजपुर जिले का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से हुई मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह मृतकों के परिजनों के साथ हैं तथा उनकी हरसंभव मदद करेंगी। 

उधर, शराब माफिया के आतंक के विरोध में ऑल इंडिया यादव महासंघ ने पटना के डाकबंगला चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाई। इसके अलावा अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने पटना में मार्च निकाला और शराब की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग की।  गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) ने शनिवार को भोजपुर में हुई इस घटना के विरोध में बंद का आह्वान किया था और रैली निकाली थी। 

उल्लेखनीय है कि बिहार के भोजपुर जिले में जहरीली शराब का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले चार दिनों के दौरान जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 21 हो गई है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक यह संख्या 31 तक पहुंच गई है। जिले के अनाइठ गांव के मुसहर टोला में जहरीली शराब पीने से गत मंगलवार को आठ लोगों की मौत हो गई थी।

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