भारत के आरोप बेबुनियाद : हिना रब्बानी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 9 जनवरी 2013

भारत के आरोप बेबुनियाद : हिना रब्बानी

हिना रब्बानी खार

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय जवानों की हत्या और फिर उनका सिर काटे जाने में पाकिस्तानी सेना का हाथ होने से पाकिस्तान ने बुधवार को इनकार किया। पाकिस्तान ने भारत के आरोप को 'निराधार' कह कर खारिज करते हुए मामले की तीसरे पक्ष से जांच कराने का सुझाव दिया। पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने सीएनएन-आईबीएन टीवी चैनल पर कहा कि पुंछ जिले में ऐसी किसी घटना होने को पाकिस्तान पूरी तरह से खारिज करता है। उन्होंने कहा, "हम कहते हैं कि इस प्रकार की कोई घटना नहीं घटी है। यदि हमारी जांच पर्याप्त रूप से उचित नहीं है तो हम संयुक्त राष्ट्र से जांच के लिए कह सकते हैं।"


उल्टे उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को भारतीय सैनिकों ने एक पाकिस्तानी सैनिक को मार गिराया। उन्होंने कहा "आप जानते हैं कि जिस तरह का दावा आज किया जा रहा है ठीक इसी तरह की एक घटना तीन दिनों पहले घटी थी जिसमें हमारे एक जवान की हत्या कर दी गई थी।" विदेश मंत्री ने उस घटना की जवाबी कार्रवाई में भारतीय जवान की हत्या किए जाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह से जवाब देना पाकिस्तान की नीति में नहीं है। हम मानते हैं कि हम एक जिम्मेदार देश हैं और भारत भी जिम्मेदार देश है।



खार ने कहा कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर 2003 के संघर्ष विराम समझौते का सम्मान करना चाहता है और इसका सम्मान करने का हमारा लंबा इतिहास रहा है। खार ने कहा कि भारतीय सेना इस घटना की जांच करे, क्योंकि यह 600 मीटर भीतर भारतीय सीमा में घटी है। उन्होंने कहा कि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी जांच कर सकते हैं और असल में क्या हुआ इसका पता लगाने के लिए एक दूसरे का सहयोग कर सकते हैं। खार ने कहा कि ऐसी घटनाओं को शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

कोई टिप्पणी नहीं: