वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को देश की साख रेटिंग घटाए जाने की चेतावनी दी और कहा कि सरकार अधिकतम 5.3 फीसदी वित्तीय घाटा के लक्ष्य को हासिल कर पाने में नाकाम रह सकती है तथा दूसरे आर्थिक रुझान भी निराश करने वाले हैं। एक कानफरेंस कॉल में फिच के एशिया सोवरेन रेटिंग के निदेशक आर्ट वू ने कहा कि रेटिंग घटाए जाने के फैसले में 2013-14 में वित्तीय घाटा के आंकड़े की प्रमुख भूमिका होगी।
वू ने कहा कि भले ही भारतीय अर्थव्यवस्था ने निचला स्तर छू लिया है, लेकिन पिछले कुछ समय से चली आ रही आर्थिक विकास दर में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि विकास दर छह से सात फीसदी के दायरे में रहती है तो यह रेटिंग के लिए नकारात्मक है।
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