राजस्थान में एक प्रवचन के दौरान दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर एक समागम के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर आध्यात्मिक गुरू और प्रवचनकर्ता आसाराम के खिलाफ यहां की एक अदालत में परिवाद पत्र दायर किया गया है। मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ए. पी. सिंह की अदालत में अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने बुधवार को विभिन्न धाराओं के तहत परिवाद पत्र दायर किया है।
ओझा ने आरोप लगाया है कि पिछले सप्ताह राजस्थान के टांेक जिले में एक प्रवचन के दौरान दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार छात्रा को भी दुष्कर्मियों के बराबर का दोषी बताना पूरे नारी समाज का अपमान है। यह बयान किसी भी भारतीय को आहत कर देने वाला है। ओझा ने इसे देश को बांटने वाला जैसा बयान बताते हुए आसाराम को कठोर सजा देने की प्रार्थना की है। अर्जी में कहा गया है कि एक ओर जहां पूरा देश दुष्कर्मियों को फांसी की सजा देने की अपील कर रहा है तो दूसरी ओर प्रवचन में ऐसे बयान देना निंदनीय है। ओझा ने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो फरवरी की तारीख तय की है।
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