प्रदेश के डीजीपी की भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही किए जाने की घोषणा का जमीन पर कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। कारगी के साईं ऐनक्लेव में भूमाफियाओं ने नगर निगम की खाली पड़ी जमीन पर चारदीवारी कर उस पर अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। इसमें सबसे हैरानी की बात तो यह है कि कुछ दिनों पूर्व ही निगम ने इस क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाया था।
भले की शहर को भू-माफियाओं से निजात दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन लाख दावे कर रहा हो किन्तु जमीनी हकीकत यह है कि शहर के चप्पे-चप्पे में भू-माफिया बेरोकटोक सरकारी जमीनों पर कब्जा जमा रहे हैं। पौंधा स्थित एग्रीकल्चर और मैडिकल की जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से प्लाटिंग शुरू कर दी है। यहां भवनों की बुनियादें खोदने से पूर्व ही लगभग 15-15 फुट की चारकोल की सड़के बना दी गई हैं। किन्तु बावजूद इसके प्रशासन आंखे मूंदे चैन की नीद सो रहा है। इधर कारगी क्षेत्र में धर्म स्थल के नाम पर भी जमीन कब्जाई गई है किन्तु विवाद के डर से निगम की टीम ने इन्हें नहीं छेड़ा है। नगर निगम की खाली पड़ी जमीने भू-माफियाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं। मेयर विनोद चमोली ने चुनाव जीतने के बाद दावा किया था कि नगर निगम की खाली जमीनों का उपयोग किया जायेगा और उन पर चारदीवारी बनाकर अपने कब्जे में लिया जायेगा, किन्तु पिछले पांच वर्षो के दौरान ऐसा एक बार भी देखने को नहीं मिला कि नगर निगम ने अपनी खाली जमीनों को बचाने के लिए कोई कदम उठाए हो। इसी का उदाहरण कारगी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। गत 23 दिसम्बर को जब निगम की टीम क्षेत्र में अवैध कब्जे हटाने गई थी तो यहां मौजूद लोगों ने उनके सामने खुलासा किया था कि कुछ लोगों ने उन्हें यह जमीन ढाई लाख रूपये में बेची थी। इसी के चलते क्षेत्र में पक्के भवनों तक का निर्माण अवैध रूप से किया जा चुका है। इसमें जहां भू-माफियाओं की दबंगई सामने आ रही है वहीं निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही करीब चार बीघा भूमि पर अवैध कब्जे हो गए हैं। यह भू-माफिया की दबंगई ही है कि सप्ताह भर पूर्व जिस अवैध निर्माण को निगम की टीम ने ढहा दिया था। चंद दिन बाद ही उस पर फिर से कब्जा करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। बुधवार को कबाड़ी बजार के निरीक्षण को निकले मेयर विनोद चमोली, सिटी मजिस्ट्रेट हरक सिंह रावत के भी संज्ञान में अवैध कब्जे का यह मामला लाया गया तो उन्होंने मौके पर अधिकारियों को भेजने की बात कही। उन्होंने कहा है कि यदि किसी ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाही की जायेगी। किसी को भी बक्शा नहीं जायेगा। किन्तु मेयर के निर्देशों के बाद भी किसी अधिकारी ने मौके पर पहंुचने की जहमत नहीं उठाई।
(राजेन्द्र जोशी)
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