किंगफिशर के एयरपोर्ट स्लॉट्स भी गए. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 9 जनवरी 2013

किंगफिशर के एयरपोर्ट स्लॉट्स भी गए.


किंगफिशर एयरलाइंस के एयरपोर्ट स्लॉट्स दूसरी एयरलाइंस को दिये जाने की खबर के बाद किंगफिशर की हालत में सुधार की उम्मीद और कम हो गई है. हालांकि अभी तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बात की घोषणा नहीं की है लेकिन कहा जा रहा है कि अकेले मुंबई में किंगफिशर एयरलाइंस के कम से 6 एयरपोर्ट स्लॉट्स इंडिगो को दे दिये गये हैं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी किंगफिशर के एयरपोर्ट स्लॉट्स दूसरों को आवंटित करने पर विचार कर रहा है. 

गौरतलब है कि लगातार घाटे के कारण हिस्सेदारी बेचने समेत तमाम तरह की खबरों के बीच किंगफिशर एयरलाइंस की रिवाइवल रिपोर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि किंगफिशर एयरलाइंस के हवाई जहाज आकाश में आ सकते हैं. लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने किंगफिशर के रिवाइवल रिपोर्ट पर अपनी नाखुशी जताई और किंगफिशर से इस प्लान की फंडिंग का पुख्ता भरोसा मांगा. 

डीजीसीए ने इसके संबंध में किंगफिशर से लिखित में जानकारी मांग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चाहता है कि किंगफिशर पहले अपने देनदारों से बात कर समस्याओं का हल निकाले. किंगफिशर के वाइस प्रेसिडेंट हितेश पटेल ने डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर कहा था कि उन्हें यूबी ग्रप से फंडिंग मिलने का भरोसा है. लेकिन डीजीसीए ने किंगफिशर के पिछले रिकॉर्ड देखते हुए उससे कहा कि वह इस फंडिंग पर मजबूत प्लान के साथ प्रतिबद्धता दिखाए.

आईपीएल, फैशन शो करवा कर करोड़ो रुपये खर्च करने वाले विजय माल्या की किंगफिशर पर करीब एक अरब चालीस करोड़ डॉलर का कर्ज़ है. 2005 में शुरु हुई किंगफिशर एयरलाइंस शुरु से ही घाटे में रही है. अब हालत ये है कि किंगफिशर एयरलाइंस को कर्जदाताओं ने आगे कर्ज देने को मना कर दिया है और कर्मचारी लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर है. किंगफिशर एयरलाइंस की कई उड़ाने बंद हो गई हैं. इसके बाद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया. लेकिन उसकी कोई भी तरकीब काम नहीं आई है.

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