राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघ चालक मोहन भागवत द्वारा दिल्ली सामूहिक बलात्कार के मामले में दिए गए बयान के चलते कांग्रेस व संघ के बीच टकराव शुरू हो गया है। मंगलवार को जहां संघ स्वयंसेवकों ने कांग्रेस नेताओं के घरों पर पथराव व उत्पात किया था, वहीं देर रात संघ के कार्यालय पर कांग्रेस संगठनों से जुड़े लोगों ने पथराव किया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है।
राम बाग स्थित संघ कार्यालय 'अर्चना' पर मंगलवार देर रात कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव करने वाले भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता बताए जाते हैं। अन्नपूर्णा थाने की पुलिस ने पथराव करने वालों में से छह की पहचान कर ली है और उन्हें हिरासत में भी ले लिया है। कांग्रेस ने पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों के बारे में तो फिलहाल कुछ नहीं कहा है। लेकिन दो कांग्रेस नेताओं के घरों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए उसने संघ स्वयंसेवकों की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन का मन बना लिया है।
इससे पहले भागवत के बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह पुतला दहन किया था। भागवत का पुतला दहन किए जाने से संघ स्वयंसेवक गुस्से में आग गए और भगवा झंडे लिए सौ से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए। इन स्वयंसेवकों ने कांग्रेस पार्षद रवि वर्मा के मकान में जमकर उत्पात मचाया। संघ स्वयंसेवकों के हमले से बहुमंजिला अपार्टमेंट में अफरा-तफरी मच गई थी। स्वयंसेवकों ने पिंटू जोशी के घर पर भी हंगामा किया था।
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