केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीडीएमए मोबाईल परिचालकों के स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 50 फीसदी घटाने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दी। पिछली नीलामी में ऐसी कंपनियों के लिए 800 मेगाहट्र्ज बैंड में अखिल भारतीय सेवा के लिए पांच मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम का न्यूनतम मूल्य 18,200 करोड़ रुपये रखा गया था। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, 'मंत्रिमंडल ने सीडीएमए स्पेक्ट्रम के न्यूनतम आरक्षित मूल्य में 50 फीसदी कटौती की मंजूरी दी जो पहले 18,200 करोड़ रुपये तय किया गया था।' उन्होंने कहा कि जीएसएम और सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी 31 मार्च तक पूरी की जाएगी और बाजार तय करेगा कि सरकार को कितना राजस्व मिलेगा। अखिल भारतीय स्तर पर 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में से पांच मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आधार मूल्य अब 9,100 करोड़ रुपये रखा जाएगा और कंपनियों को नीलामी में इसी आधार पर होड़ लगानी होगी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल ने अधिकार प्राप्त मंत्रीसमूह (ईजीओएम) की सिफारिशों पर विचार किया है जिसने 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के न्यूनतम मूल्य में 50 फीसदी की कटौती का सुझाव दिया था। नवंबर की नीलामी के दौरान ऊंची कीमत के कारण सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए कोई बोली नहीं आई थी। आरक्षित मूल्य 2008 के मुकाबले 11 गुना ज्यादा थी। सरकार ने सीडीएमए स्पेक्ट्रम (800 मेगाहट्र्ज बैंड) की कीमत 1800 मेगाहर्ट्ज वाले जीएसएम स्पेक्ट्रम से 1.3 गुना अधिक रखी थी। मंत्रिमंडल 1,800 मेगाहर्ट्ज वाले जीएसएम स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 30 फीसदी घटाने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी कर चुका है।
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