झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के इस्तीफे और विधानसभा भंग करने की मांग के बाद समझा जा रहा है कि राज्यपाल सैयद अहमद ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है. केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बताया, ‘मुझे झारखंड के राज्यपाल की आरंभिक रिपोर्ट मिल गयी है. मैं इस पर विचार करूंगा. फैसले के लिए कुछ समय इंतजार कीजिए.’
इस बीच सूत्रों ने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सरकार से समर्थन वापसी पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद राज्य में उत्पन्न राजनीतिक हालात के मद्देनजर राज्यपाल ने केंद्र को भेजी अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है.
मुंडा कैबिनेट ने राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी की है. बीजेपी और झामुमो के 82 सदस्यीय विधानसभा में अट्ठारह-अट्ठारह सदस्य हैं. मुंडा सरकार को ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के छह, जदयू के दो, एक निर्दलीय और एक मनोनीत सदस्य का समर्थन हासिल था.
विपक्षी कांग्रेस के 13 विधायक हैं. झारखंड विकास मोर्चा (पी) के 11 और राजद के पांच विधायक हैं. बीजेपी माले (लिबरेशन), मार्क्सवादी समन्वय पार्टी, झारखंड पार्टी (एक्का), झारखंड जनाधिकार मंच और जय भारत समता पार्टी का एक एक सदस्य विधानसभा में हैं. अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार 11 सितंबर 2010 को बनी थी, जो आठ जनवरी 2013 तक चली. झामुमो के समर्थन वापसी के बाद सरकार अल्पमत में आ गयी.
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