राजगीर इन दिनों देसी व विदेशी पर्यटकों से गुलजार हो रहा है। शहर का हर हिस्सा चाहे व वैभारगिरि पर्वत हो या जरासंध का अखाड़ा, हर जगह देसी व विदेशी पर्यटकों की भरमार लगी रहती है। पर्यटक इन दिनों संध्या बेला में भी वैभारगिरि पर्वत पर बाबा सिद्धनाथ मंदिर के निकट या उससे भी आगे जाकर डूबते हुए सूर्य को देखने का आनंद लेते हैं।
पर्यटकों के उपर ही यहां के डोली वालों व अन्य दुकानदारों की आमदनी निर्भर करती है। इस बार अक्टूबर से ही पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। पिछले पांच-छह वर्षो से पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हलांकि बुजुर्ग लोगों का कहना है कि पहले पर्यटक छोटे-छोटे टोली में आते थे, जो दो-तीन दिनों तक ठहरते थे लेकिन अब बड़ी टोली में आते हैं, और एक दिन में ही लौट जाते हैं। इस कारण व्यावसासियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
लागों का कहना है कि कुछ दशक पहले अगस्त-सितम्बर से ही पर्यटक सीजन शुरू हो जाता था जो फरवरी-मार्च तक चलता था। लेकिन अब अक्टूबर माह से शुरू तो होता है और जनवरी तक ही चल पाता है। हालांकि सरकार व प्रशासन ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं बनायी हैं। साथ ही पर्यटकों के लिए अनेकों तरह की सुविधाएं भी दी जा रही हैं। पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया है।
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