दरभंगा में दुष्कर्म और हत्या में फांसी की सजा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 23 जनवरी 2013

दरभंगा में दुष्कर्म और हत्या में फांसी की सजा


बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए सात वर्षीया लड़की के साथ दुष्कर्म करने और फिर उसकी हत्या करने के एक मामले में एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई है। दरभंगा के त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने वर्ष 2010 में एक लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में इंदल कुमार शर्मा उर्फ इन्द्र ठाकुर को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। 

लोक अभियोजक रतन कुमार ने बताया कि न्यायालय ने कहा कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में आता है इसलिए दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई। उल्लेखनीय है कि पांच जनवरी 2010 को दरभंगा के मनिगाछी थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में ठाकुर ने एक सात वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर घर में ही गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। इस मामले की प्राथमिकी सात जनवरी को थाना में कांड संख्या 3/2010 के तहत दर्ज की गई थी।

1 टिप्पणी:

रश्मि शर्मा ने कहा…

अब सही सजा यही है..