भारत की आर्थिक वृद्धि दर चीन के करीब पहुंचेगा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 16 जनवरी 2013

भारत की आर्थिक वृद्धि दर चीन के करीब पहुंचेगा.


विश्व बैंक के एक दिग्गज अर्थशास्त्री ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर निकट भविष्य में चीन की वृद्धि दर के आसपास पहुंच जाने की उम्मीद है। विश्व बैंक ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य 2013 का नवीनतम संस्करण जारी किया, जिसमें भारत, चीन और ब्राजील जैसे विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं के पटरी पर लौटने और तेज वृद्धि दर हासिल करने की उम्मीद जताई गई है।

विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने  कहा कि विश्व बैंक को उम्मीद है कि वर्ष 2015 तक चीन की वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत होगी, जबकि भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत होगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर के मामले में दोनों एशियाई देशों के बीच अंतर घट रहा है।

रिपोर्ट में जहां विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2013 में बढ़कर 2.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो 2012 में 2.3 प्रतिशत रही। जहां अधिक आय वाले देशों की वृद्धि दर 2012 और 2013 दोनों में ही 1.3 प्रतिशत रहेगी, भारत, चीन और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों में सुधार के व्यापक संकेत देखने को मिलेंगे।

‘वर्ष 2012 में ब्राजील की वृद्धि दर तेजी से घटकर 0.9 प्रतिशत पर आ गई। विश्व बैंक ने 2013 में ब्राजील की वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। वहीं चीन की वृद्धि दर 2013 में सुधरकर 8.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो 2012 में 7.9 प्रतिशत रही।’ बसु ने कहा,  हमारा अनुमान है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012 के 5.1 प्रतिशत के मुकाबले 2013 में सुधरकर 6.1 प्रतिशत रहेगी।

कोई टिप्पणी नहीं: