सामूहिक दुष्कर्म पर गुस्सा बेजा न जाए: अंसारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 7 जनवरी 2013

सामूहिक दुष्कर्म पर गुस्सा बेजा न जाए: अंसारी


उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद भड़के लोगों का गुस्सा बेजा नहीं जाना चाहिए, बल्कि इससे प्रेरित होकर कड़े कानून का निर्माण किया जाना चाहिए और सामाजिक नियमों, मूल्यों एवं व्यवहारों में भी परिवर्तन लाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर के उद्घाटन अवसर पर अंसारी ने कहा, "नए साल से कुछ दिन पहले जो घटना हुई, उसने हम सभी को दुखी किया है। हम सभी के सिर शर्म से झुक गए हैं।"

घटना के बाद लोगों के गुस्से को वाजिब ठहराते हुए उन्होंने कहा, "यह जाया नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका इस्तेमाल सही कानून के निर्माण और सामाजिक मूल्यों एवं व्यवहारों को सुधारने के लिए किया जाना चाहिए।" अंसारी ने कैडेट्स से मानवाधिकारों, लैंगिक समानता व न्याय को लेकर नए विचार स्थापित करने की अपील की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत आधुनिक व प्रगतिशील समाज बनना चाहता है और मानवाधिकारों का सम्मान, लैंगिक समानता तथा न्याय आधुनिक व प्रगतिशील समाज की प्राथमिक आवश्यकताएं हैं।

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