सिंघल का बयान आपत्तिजनक :संतसमाज - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

सिंघल का बयान आपत्तिजनक :संतसमाज


महाकुंभ मेले में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी आम चुनाव में भारतीय प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किए जाने की वकालत करने पर भारत साधु समाज ने सोमवार को आपत्ति जाहिर की है। भारत साधु समाज के महासचिव स्वामी हरिनारायणानंद ने महाकुंभ से लौटने के बाद संवाददाताओं से कहा कि विहिप नेता अशोक सिंघल ने पिछले सप्ताह इलाहाबाद में जो बयान दिया था, वह 'घोर आपत्तिजनक' है।

हरिनारायणानंद ने कहा, "यह धार्मिक स्थलों की शुचिता एवं पवित्रता के खिलाफ है।" वह सिंघल के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी की लोकप्रियता देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जैसी है और वह 'हिन्दू हृदय सम्राट' हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: