भारत सरकार के साथ हुए 4000-करोड़ रुपये के एक हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप में रक्षा मामलों से जुड़े सौदे करने वाली इटली की कंपनी फिनमेकानिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिसेप ओरसी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी ने आज कहा कि उनकी सरकार कंपनी से भ्रष्ट तत्वों को दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। कंपनी के सीईओ जिउसेप्पे ओरसी को भारत के साथ हुए 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे के दौरान रिश्वत खोरी के मामले में अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
मोंटी ने इतालवी टीवी चैनल से कहा कि वर्तमान में फिनमेक्कानिका के प्रशासन में समस्याएं हैं और हम इसे ठीक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिएट के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी फिनमेक्कानिका में सरकार का 30 प्रतिशत मालिकाना हक है। जिउसेप्पे ओरसी को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया। उन पर भारत सरकार को फिनमेक्कानिका की अनुषंगी इकाई अगस्तावेस्टलैंड द्वारा निर्मित 12 हेलीकॉप्टर बेचे जाने के संबंध में रिश्वत देने के मामले में शामिल होने का संदेह है।
इतालवी मीडिया में सौदा हासिल करने के लिए रिश्वत देने के मामले में यूरोप में दो कथित बिचौलियों की गिरफ्तारी की खबरों के बाद 2010 में हुआ यह सौदा एक साल से अधिक समय से जांच के दायरे में है। बारह अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों में से तीन पहले ही भारत पहुंच चुके हैं, जबकि भारतीय वायु सेना को शेष हेलीकॉप्टर अगले साल के मध्य तक मिल जाने थे।
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