पूर्व वायुसेना प्रमुख एस.पी.त्यागी ने बुधवार को 'अगस्टावेस्टलैंड वीवीआईपी' हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वत लिए जाने के आरोप से इनकार किया है और कहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच से सचाई सामने आ जाएगी। समाचार पत्र 'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रपट में कहा गया है कि इटली में मंगलवार को अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई एक प्राथमिक जांच रपट में त्यागी के खिलाफआरोप लगाए गए हैं। ज्ञात हो कि रक्षा मंत्रालय ने इटली स्थित हेलीकाप्टर की निर्माता कम्पनी, फिनमेक्केनिका के प्रमुख की रिश्वत के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद 12 'वीवीआईपी अगस्टावेस्टलैंड' हेलीकॉप्टर के 75 करोड़ डॉलर के सौदे की मंगलवार को सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।
त्यागी ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, "यह मेरे लिए काफी स्तब्ध कर देने वाली बात है और मुझे लगता है कि यह हर किसी के लिए स्तब्ध कर देने वाली बात है। यह पूरी वायुसेना के लिए बुरी खबर है, यह भयावह है।" उन्होंने कहा, "मेरे ऊपर यह आरोप है कि मैंने अगस्टा के अनुकूल जरूरत में बदलाव करने के लिए रिश्वत ली। वायुसेना मुख्यालय द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया था और इसमें आखिरी बदलाव को मंजूरी रक्षा मंत्रालय देती है। वायुसेना मुख्यालय इसकी सिफारिश करता है। लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार वायुसेना मुख्यालय ने कोई सिफारिश नहीं की थी। मैं स्तब्ध हूं। मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता।"
सीबीआई जांच का समर्थन करते हुए त्यागी ने कहा, "इसकी जांच की जानी चाहिए, तभी सच सामने आएगा।" यह पहला वाकया नहीं है जब हेलीकॉप्टर सौदे पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं। वायुसेना को तीन हेलीकॉप्टर पहले ही सौंपे जा चुके हैं और पहला दिसम्बर 2010 में सौंपा गया था। हेलीकॉप्टर के लिए समझौता फरवरी 2010 में किया गया था।
वायु सेना ने एमआई-17 कार्गो हेलीकॉप्टरों की जगह अगस्टावेस्टलैंड की मांग की है, जिसमें अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिहाज से सुधार किया गया है। जबकि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने इसे संसाधनों की बर्बादी बताया था।
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