बिहार की राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान की एकमात्र मादा जेब्रा फूलवंती की मंगलवार को मृत्यु हो गई। माना जा रहा है कि उसकी आंत में पथरी हो जाने से उसकी मृत्यु हो गई। उद्यान के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि फूलवंती का जन्म 26 अक्टूबर, 2000 को लखनऊ के एक चिड़ियाघर में हुआ था, जिसे 2001 में पटना जैविक उद्यान लाया गया था।
उद्यान के निदेशक अभय के मुताबिक मादा जेब्रा पिछले छह फरवरी से बीमार चल रही थी। चिड़ियाघर के चिकित्सकों के अलावा सेना के पशु चिकित्सक और गया के पशु चिकित्सकों से भी उसका इलाज करवाया गया था। उसकी अल्ट्रासोनोग्राफी भी करवाई गई थी। फूलवंती के शव के पोस्टमार्टम के दौरान उसकी बड़ी आंत से तीन पत्थर निकाले गए जिसमें एक पत्थर का वजन 270 ग्राम था। मादा जेब्रा की मौत के बाद पटना उद्यान में सिर्फ एक नर जेब्रा ही रह गया।
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