कांग्रेस ने सोमवार को राज्य सभा के उप सभापति पी.जे. कुरियन का यह कहते हुए बचाव किया कि उन्हें अभी तक किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। 17 वर्ष पुराने सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में नाम उछल जाने के बाद से कुरियन विवादों के घेरे में हैं। कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "नए सबूत सामने आए हैं..उसे सर्वोच्च न्यायालय के सामने आने दीजिए..अदालत फैसला करेगी..अदालत जो भी फैसला करेगी हम उसका पालन करेंगे।" उन्होंने कहा, "यह एक पुराना मामला है और किसी भी अदालत ने उन्हें (कुरियन को) दोषी नहीं ठहराया है।"
सूर्यानेल्लि दुष्कर्म के नाम से चर्चित रहा यह मामला एक बार फिर तब चर्चा में आया जब सर्वोच्च न्यायालय ने 31 जनवरी को केरल उच्च न्यायालय के 2005 के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने 35 में से एक को छोड़ अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। राज्य सभा के उप सभापति के लिए उस समय मुसीबतें बढ़ गई जब 17 साल पुराने इस मामले में सजा काट चुके एक आरोपी धर्मराजन ने कहा कि कुरियन उस अतिथि गृह में मौजूद थे जहां पीड़िता का शोषण हुआ था।
मैसूर में अज्ञात स्थान पर छिपे बैठे धर्मराजन ने एक टीवी चैनल को बताया, "कुरियन ने असल में मेरी एंबेस्डर कार में यात्रा की थी। मैं क्यों झूठ बोलूंगा।" उसने आगे बताया कि मामले के तत्कालीन जांच अधिकारी और राज्य के मौजूदा सूचना आयुक्त सिबी मैथ्यू ने मुझ पर कुरियन का नाम नहीं लेने का दबाव डाला था।
पेशे से वकील धर्मराजन इस मामले का अकेला आरोपी है जिसे 2005 में उच्च न्यायालय ने दोषी ठहराया और अन्य को बरी कर दिया। निचली अदालत ने उसके साथ 34 अन्य को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। यौन प्रताड़ना का यह मामला 1996 में केरल के इदुक्की जिले के सूर्यानेल्लि नामक जगह पर घटित हुआ था। उस समय 16 वर्ष की एक किशोरी का एक बस कंडक्टर ने अपहरण कर बंधक बना लिया और 45 दिनों तक 42 लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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