देहरादून, 30 मार्च। राजधानी में वीवीआईपी सुरक्षा के नाम पर किस तरह से खिलवाड़ हो रहा है इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला जब एक पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में कई पजेरो गाड़ियों में घुसकर अज्ञात लोगों ने हथियार लहराये और हवाई फायर करते हुए वहां स्टाफ के साथ मारपीट की। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले कर मौके से तीन पजेरो गाड़ियां और कई हथियार भी बरामद किए।
घटना राजधानी के सबसे पॉश इलाके कैंट कोतवाली क्षेत्र स्थित मेख गुरूंग मार्ग पर स्थित राजभवन के पास स्थित पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के सरकारी आवास पर घटी। घटनाक्रम के अनुसार शनिवार की दोपहर साढ़े बारह बजे तीन पजेरो गाड़ियों व दो अन्य गाड़ियों में सवार उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार में मंत्री रहे एक बसपा नेता के रिश्तेदार कहीं जा रहे थे। इस दौरान दिलाराम चौक के निकट लालबत्ती पर उनके साथ-साथ चल रही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता जितेन्द्र रावत उर्फ मोनी व विकास गुप्ता की गाड़ी इनसे टकरा गई। इस घटना ने विवाद खड़ा कर दिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों मंे हाथापाई होने लगी और पजेरो सवार लोगों ने इन पर हथियार तान दिए, जिससे जान बचाने की कोशिश में ये लोग भागने लगे, तो पजेरो सवार लोगों ने उनका पीछा किया। अपने आप को घिरता देख मोनी पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के सरकारी आवास में घुस गए। उनके पीछे-पीछे ये सभी पजेरो गाड़ी सवार भी पूर्व मुख्यमंत्री के आवास में घुस गये और वहां कमरों मे घुसकर स्टाफ और अन्य लोगों के साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान पूर्व सीएम के स्टाफ आफिसर अजय बिष्ट ने थाना कोतवाली व कंट्रोल रूम को जानकारी दी।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने सभी को घेर लिया और पकड़ने की कोशिश की। लेकिन कुछ लोग भागने में सफल रहे। इस दौरान घटना की जानकारी कैंट पुलिस को मिली तो कोतवाल रघुवीर सिंह असवाल पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस दौरान छह लोगांे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान पजेरो सवार लोगों ने हवा में हथियार लहराते हुए कई राउण्ड फायर भी किए और जब पुलिस इनसे पूछताछ कर रही थी तो ये बार-बार बसपा के एक नेता का नाम लेकर धमकाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने पजेरो गाड़ी संख्या यूपी21एजे-0001, यूपी20जेड-0001, यूपी21-0001 सीज कर पुलिस लाइन में खड़ी कर दी है। इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिनमें दिल्ली के फहीम, देहरादून के वरूण चौधरी, गाजियाबाद के गरीब दास, परवीन नागर, लोकेश और नवनीत सिंह बताए गए हैं।
इस घटना के पीड़ित जितेन्द्र उर्फ मोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच गाड़ियों में सवार सभी लोगों के पास हथियार थे और वे बार बार बसपा नेता का नाम ले रहे थे। इनमें से हर एक के पास हथियार थे और ये हवा में लहराकर फायरिंग कर रहे थे। चर्चा है कि ये सभी लोग शराब की नीलामी में भाग लेने आए थे और यहां बीजापुर गेस्ट हाउस में रूके थे। गेस्ट हाउस में दो कमरे बसपा नेता निजामुद्दीन व आसमा के नाम से बुक है और इन दोनों कमरों में लगभग दस से पन्द्रह लोग ठहरे थे। जबकि दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि बसपा नेता के बच्चे दून में पढ़ते हैं और यह लोग बच्चों से मिलने दून आए हैं। बहरहाल मामला जो भी हो पुलिस इस पूरे मामले में लीपापोती में जुटी है। मामले में अपने दामन पर छींटे पड़ते देख पुलिस ने कहा कि लालबत्ती लगी गाड़ियां होने के कारण पुलिस ने उनको हल्के में लिया, लेकिन लोगों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर किसी भी तरह की गाड़ियों की नियमित चैकिंग होनी आवश्यक है, अन्यथा लोकसभा भवन पर आतंकवादियों की जैसी कार्यवाही कहीं यहां न हो जाए।
(राजेन्द्र जोशी)

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