भारत ने आस्ट्रेलिया को पारी के अंतर से हराया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 5 मार्च 2013

भारत ने आस्ट्रेलिया को पारी के अंतर से हराया


 चेन्नई टेस्ट में भारत की जीत के हीरो रहे रविचंद्रन अश्विन (63/5) और रवींद्र जडेजा (33/3) की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को एक पारी और 135 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने चार मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। जैसा कि उम्मीद थी भारतीय गेंदबाजों ने स्पिन ले रही विकेट पर अपनी टीम को मंगलवार को मैच के चौथे दिन पारी की जीत दिलाने की मुहिम शुरू की। इस अभियान में उन्होंने आशातीत सफलता मिली और पहली पारी के आधार पर 266 और तीसरे दिन की समाप्ति तक 192 रनों से पिछड़ रही मेहमान टीम चौथे दिन के पहले सत्र में ही अपनी दूसरी पारी में 131 रनों पर ढेर हो गई।

चौथे दिन आस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे। आस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की एक बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों लपके गए।

इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी आस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया। क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में घुस कैसे गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को एक बड़ी सफलता दिलाई।

क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बैठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धौनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की। कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।

इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए जबकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे। आस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।

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