उत्तराखंड की खबर (26 अप्रैल) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

उत्तराखंड की खबर (26 अप्रैल)


मोदी ने किया बाबा रामदेव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘‘आचार्यकुलम‘‘ का उद्घाटन 

हरिद्वार/देहरादून, 26 अप्रैल। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा रामदेव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘‘आचार्यकुलम‘‘ का शुक्रवार को उद्घाटन कर दिया। मोदी ने इस मौके पर यज्ञ भी किया। थोड़ी देर में मोदी भाषण देंगे। इस समारोह में देश के बड़े संतों के अलावा करीब 50 हजार शामिल हुए। बाबा रामदेव के स्कूल आचार्य कुलम के उद्घाटन समारोह में मोदी के अलावा मुरारी बापू, रमेशजी ओझा, गायत्री  परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और कर्नाटक के धर्मगुरु वीरेंद्र हेगड़े भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम लोकसभा चुनावों के मद्देनजर मोदी का बड़ा दांव साबित हो सकता है। गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी की जीत के लिए भरसक प्रयास किया था। बाबा भाजपा की ओर से मोदी को पीएम पद का प्रत्याशी बनाने के भी समर्थक हैं। तय माना जा रहा है कि समारोह में शामिल होने वाले अन्य संत भी मोदी को पीएम प्रत्याशी बनाने की खुलकर वकालत करेंगे। पतंजलि योगपीठ के उद्घाटन दिवस (6 अप्रैल, 2006) के बाद पहली बार एक बार फिर बड़ा आयोजन हुआ। तब बाबा रामदेव ने 13 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक साथ मंच साझा कराकर अपनी राजनीतिक ताकत और पहुंच का अहसास कराया था। अब एक बार फिर बाबा रामदेव के ‘‘आचार्यकुलम‘‘ के उद्घाटन मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री के साथ देश के सभी बड़े संत मंच साझा किया। दरअसल, 4 जून 2012 को दिल्ली के रामलीला मैदान कांड के बाद बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ से काफी लोगों ने अपनी दूरियां बढ़ा ली थीं। तब से ऐसे किसी कार्यक्रम की कमी महसूस की जाती थी। हालांकि, बाबा रामदेव ने 4 जून की घटना के बाद पतंजलि योगपीठ में कई कार्यक्रम आयोजित किए, यहां तक कि अपनी टीम अन्ना के साथ यहां आए पर किसी में भी वो बात नजर नहीं आई जो 2006 में पतंजलि योगपीठ के उद्घाटन अवसर पर दिखी थी। यही कारण है कि बाबा की ओर से आचार्यकुलम के जबरदस्त उद्घाटन किया।

रामदेव ने केंद्र पर साधा निशाना, मोदी की की तारीफ

हरिद्वार/देहरादून, 26 अप्रैल। योगगुरु बाबा रामदेव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह देश की अब तक की सबसे कमजोर सरकार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन हमें आंखें दिखा रहा है और हम चुपचाप बैठे हुए हैं। बाबा रामदेव ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट आचार्यकुलम के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि देश का लाखों करोड़ काला धन विदेशों में जमा है और उसे वापस लाने के लिए सरकार कोई उपाय नहीं कर रही है। उन्होंने मोदी को इस कार्यक्रम में बुलाए जाने के औचित्य पर कहा कि वह आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और भगवा न पहनकर भी संत हैं इसलिए इस गुरुकुल के उद्घाटन के लिए वह सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने संतों के अलावा लगभग 50 हजार लोग शामिल हुए। कहा जा रहा है कि बाबा रामदेव ने इस कार्यक्रम के माध्यम से मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को धार देने की कोशिश की। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस ने मोदी को हरिद्वार आगमन पर विरोध और काले झंडे दिखाने का फैसला फजीहत झेलने के बाद वापस ले लिया। कांग्रेस ने अपने एक प्रदेश प्रवक्ता के मोदी के खिलाफ दिए गए विवादास्पद नारे से पलटते हुए कहा कि पार्टी ने मोदी के कहीं भी जाने का विरोध नहीं किया।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को मोदी के हरिद्वार आगमन पर विरोध करने का ऐलान किया था। पार्टी ने कहा था कि यहां आने पर मोदी को काले झंडे दिखाए जाएंगे। यही नहीं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने मोदी के खिलाफ विवादास्पद नारा भी दिया। इस मामले में किरकिरी होने के बाद प्रदेश कांग्रेस को अपना स्टैंड बदलना पड़ा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को संगठन का यह कदम नागवार गुजरा। निकाय चुनाव के मौके पर कांग्रेस के इस रवैये का गलत संदेश जाने का अंदेशा देखते हुए पार्टी को कदम पीछे खींचना पड़ा। प्रदेश प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि हरिद्वार में शुक्रवार को प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम वापस लिया गया है। पार्टी अध्यक्ष यशपाल आर्य ने इस मामले में हस्तक्षेप कर विरोध प्रदर्शन रद करने को कहा है। बुधवार को मोदी के खिलाफ नारा दे चुके प्रदेश प्रवक्ता को बृहस्पतिवार को कांग्रेस अतिथि देवो भव की परंपरा की वाहक नजर आई। उन्होंने बयान से पलटते हुए कहा कि पार्टी ने कभी भी नरेंद्र मोदी के कहीं जाने का विरोध नहीं किया है। वहीं, भाजपा में भले ही मोदी की पीएम पद की उम्मीदवारी पर मुहर नहीं लगी है लेकिन योगगुरु उनके समर्थन में खुलकर सामने आते हुए नजर आ रहे हैं। रामदेव ने साफ कहा कि जहां चारों ओर भ्रष्टाचार और अविश्वास फैला हुआ है ऐसे में मोदी ही एक विश्वास की किरण के तौर पर नजर आ रहे हैं। भले ही ये एक आध्यात्मिक कार्यक्रम है लेकिन जिस तरह से बाबा रामदेव मोदी को हनुमान कहकर यूपीए की लंका जलाने की बात कह रहे हैं इसके बाद से ये संकेत मिल रहे हैं कि ये योग का ये मंच भी राजनैतिक अखाड़ा बन सकता है। योग के बहाने मोदी को गुरुमंत्र दिया जाएगा।

राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने के सपना रह गया अधूरा

देहरादून, 26 अप्रैल । राज्य गठन के 12 साल बाद भी उत्तराखण्ड राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने के सभी सरकारों द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावे फेल हो गए हैं और राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने का सपना अधूरा रह गया है, जिसके साथ ही राज्य में बिजली संकट पैदा होने लगा है। वहीं अब राज्य को महंगी दरों पर बाहरी राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिससे अब राज्य में अपनी ऊर्जा बनाने का सपना चकनाचूर होता दिख रहा है। नेताओं द्वारा राज्य गठन के बाद राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन नेताओं के यह बड़े-बड़े दावे सिर्फ हवाई साबित हो गए। लगभग नौ-दस साल पहले तक अपनी मांग से अधिक बिजली उत्पादन कर अच्छा राजस्व कमाने वाले उत्तराखण्ड राज्य को बिजली के भारी संकट से लगातार जूझना पड़ रहा है। उत्तराखण्ड को कई बाहरी राज्यों से राज्य सरकार व निगमों में बैठे अधिकारियांे की लापरवाही के आलम के चलते ही महंगी दरों पर अरबों की बिजली खरीदनी पड़ रही है, बिजली खरीदने के बावजूद उत्तराखण्ड सरकार अपनी जरूरत भर उर्जा को पूरा करने में लगातार नाकाम साबित हो रही है। राज्य के आवाम को सरकार व ब्यूरोक्रेट्स की इस नाकामी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और जनता बिजली के भारी संकट से जूझने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उत्तराखण्ड में बिजली खपत का ग्राफ नया प्रदेश बनने के बाद औद्योगिकीकरण के तेज रफ्तार के कारण लगातार उपर चढ़ता जा रहा है। मगर प्रदेश सरकार व बिजली निगम बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं। सरकार ने राज्य में लगातार बिजली का संकट होने के बावजूद उधमसिंह नगर में सिडकुल-2 को खड़ा करने की हरी झंडी दे दी, जिसके बाद यह सवाल उठ खड़े हुए हैं कि वहां लगने वाले उद्योगों को सरकार कैसे पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराएगी। सरकारों ने आजतक जिस सुस्त चाल से प्रदेश की एक दर्जन से अधिक बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं के जीर्णोद्धार की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाए हैं, उसने गंगा यमुना जैसी नदियों वाले पहाड़ी राज्य के सामने बिजली संकट इस कदर पैदा हो गया है कि उससे बाहर निकल पाना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। वहीं सरकारी मशीनरी की नई जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में भी लेटलतीफी जारी है।  

बागी जीते तो दल में होगी वापसी!

देहरादून, 26 अप्रैल । भाजपा व कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उत्तराखण्ड में होने वाले निकाय चुनाव में पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की हुंकार भरी, जिसके बाद दलों ने अपने दल के इन बागियों को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, वहीं अब यह बातें खुलकर सामने जा रही है कि अगर दोनों दलों के बागी उम्मीदवार चुनाव जीत गए तो यह दल उन्हंे अपनी गोदी में बैठाकर ढोल-नगाड़ों के साथ उनकी पार्टी में वापसी करेंगे। उल्लेखनीय है कि निकाय चुनाव की घोषणा के बाद से ही भाजपा व कांग्रेस में वर्षों से सक्रिय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने चुनाव में उतरने के लिए आतुर थे और जब पार्टी ने उन्हंे चुनाव मैदान में उतारने से मना कर दिया तो उन्होंने निर्दलीय के रूप में अपना नामंाकन भरकर चुनाव मैदान में अपने दल के प्रत्याशी को धूल चटाने का निर्णय ले लिया, जिसके बाद तिलमिलाए दलों ने आनन-पफानन में पार्टी से बगावत करके चुनाव मैदान में उतरे अपने पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए निष्कासित करने की चाल चली। वहीं अब यह बातें खुलकर सामने आ रही हैं कि अगर चुनाव में भाजपा व कांग्रेस से निकाले गये बागियों ने बाजी मार ली तो उन्हें मनाकर फिर अपने दल में लाने का खेल पार्टी के ही कुछ पदाधिकारी खेलने का तैयार हैं, क्योंकि हमेशा देखने में आया है कि चुनाव के दौरान बगावत करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को पहले तो पार्टी से कई साल के लिए निष्कासित किया जाता है, लेकिन बाद में दल में वापस ले लिया जाता है।

प्रचार समाप्त, अब घर-घर जाकर मांगा वोट

देहरादून, 26 अप्रैल । रविवार को स्थानीय नगर निकाय चुनाव का मतदान होना है, जिसमें दो दिन का समय शेष रह गया है, जिसके साथ ही शुक्रवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया, जिसके बाद से प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर संपर्क साधना शुरू कर दिया है। केवल दो दिन का समय स्थानीय निकाय चुनाव के लिए शेष है, पिछले दो सप्ताह से चला आ रहा चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया।  इसी के तहत राजधानी दून की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों के साथ ही प्रचार वाहनों का शोर भी समाप्त हो गया। सूबे में होने वाले स्थानीय निकाय में चुनाव में जहां कांग्रेस विकास के मुद्दे पर मैदान में है तो वहीं भाजपा भ्रष्टाचार और महंगाई को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रही है। शुक्रवार शाम प्रचार थमने के बाद प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर वोट मांगने शुरू कर दिए हैं, प्रत्याशियों द्वारा ज्यादा जोर मलिन बस्तियों की तरफ दिया जा रहा है। 

कूड़ा-कचरा नदियों में फेंका जा रहा 

देहरादून, 26 अप्रैल । कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में फैक्ट्रियों का कूड़ा-कचरा जहां नदियों में फेंका जा रहा है, वहीं होटलों व घरों का कूड़ा सड़क के किनारे डाला जा रहा है। जगह-जगह पर पूरे सेलाकुई बाजार में कूड़े-कचरे के ढेर लगे हुए हैं। बाजार में कूड़ा डालने के लिए सड़क पर कूड़ादान तक की व्यवस्था नहीं है। कचरा सडऩे से लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। साढ़े तीन सौ से अधिक फैक्टरियां औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में हैं। यहां की आबादी 35 हजार के करीब हो चुकी है। इस पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। फैक्टरियों का कूड़ा-कचरा पास स्थित सोरणा व आसन नदी में फेंका जा रहा है, जिससे कि आसपास बसे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। व्यापारियों व स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा-करकट बाजार में सड़क के किनारे डाला जाता है। सफाई की व्यवस्था न होने से यह कूड़ा सड़क पर ही सड़ता रहता है। एक वर्ष पूर्व सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग खंड रुड़की द्वारा एनएच के दोनों ओर नालियों का निर्माण किया गया था। ये नालियां कूड़े-करकट से अटी पड़ी हैं। सफाई न होने से नालियां चोक पड़ी हैं, जिस कारण इनसे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। तेज बारिश होने पर सड़क का कूड़ा बहकर नाली में जमा हो जाता है। कचरा सडऩे से नालियों में कीड़े पैदा हो रहे हैं। कूड़ा-करकट डालने के लिए यहां कूड़ादान की भी व्यवस्था नहीं है जिस कारण गंदगी सड़क पर बिखरी पड़ी है, पशुओं द्वारा कूड़े-करकट को और बिखेर दिया जाता है। घरों और दुकानों के आगे ज्यादा ही गंदगी जमा हो जाने पर लोगों द्वारा अपने स्तर पर सफाई कराई जाती है। औ़द्योगिक इकाइयों से निकलने वाला सारा कूड़ा-कचरा सारणा और आसन नदियों में फेंके जाने से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।

खराब पड़े हैं हैंडपंप, लोगों के सामने पानी की समस्या

देहरादून, 26 अप्रैल । पेयजल निगम द्वारा पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने के लिए देहरादून जिले में लगाए गए अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हुए है। लोगों को गर्मी के सीजन में हैंडपंप खराब पड़े होने से गहरे पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोग पानी की बूंद-बूद को तरस रहे है। कुछ हैंडपंप ऐसे हैं जिनमें कि लाल पानी निकलता है। खराब पड़े हैंडपंपों के रखरखाव के प्रति पेयजल निगम उदासीन बना हुआ है। खराब पड़े हैंडपंप लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। करीब 60 प्रतिशत हैंडपंप देहरादून जिले में सहसपुर, विकासनगर, रायपुर, डोईवाला, कालसी, चकराता विकासखंडों और महानगर क्षेत्रों में खराब पड़े हुए हैं, जबकि 10 प्रतिशत हैंडपंपों में लाल पानी निकलता है। 30 प्रतिशत हैंडपंप ऐसे हैं जो लगने के दो-तीन माह बाद ही खराब हो गए। हैडपंप खराब पड़े होने से लोगों को गर्मी के सीजन में कई किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। पेयजल संकट के चलते लोगों के कई कार्य पभावित हो रहे है। कालसी ब्लॉक में पेयजल निगम द्वारा 39 और चकराता ब्लॉक में 55 हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन वर्तमान में अधिकांश हैंडपंप रखरखाव के अभाव में खराब पड़े हैं। हैंडपंपों से पानी न निकलने का मुख्य कारण मानकों के अनुरूप बोरिंग न किया जाना है। लोगों को हैंडपंप खराब पड़े होने से पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई इलाकों में प्राकृतिक स्रोत सूख चुके हैं, जिस कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कुछ हैंडपंपों से लाल व बदबूदार पानी आ रहा है, जो हैंडपंप खराब हो जाते हैं उनके रखरखाव की ओर पेयजल निगम द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। कई इलाके ऐसे हैं जहां हैंडपंप लगाने के कुछ समय बाद ही खराब हो गए।  सामाजिक कार्यकर्ता खेमचंद गुप्ता का कहना है कि जौनसार में गर्मी में फ्राकृतिक स्रोत सूख जाते हैं, जिसे देखते हुए हैंडपंपों की मांग की गई थी, लेकिन हैंडपंप खराब पड़े होने के कारण लोगों को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि निगम हैंडपंप तो लगा देता है लेकिन इनके रखरखाव की तरफ कोई ध्यान नहीं देता।

बढ़ती आबादी और बेटियों की कम संख्या पर उल्टी पदयात्रा का आयोजन

देहरादून, 26 अप्रैल । देश की बढ़ती आबादी और बेटियों की कम होती संख्या पर सुरभि परिवार फांउडेशन की ओर नेताओं और आम जनता का ध्यान आकर्षित करते हुए, उल्टी पदयात्रा का आयोजन किया, जिसके जरिए वह लोगों को इन दोनों समस्याओं के प्रति जागरूक करना चाहती है। इस यात्रा का उद्देश्य यह है कि लोग इसके बारे में खुद पूछे कि यह क्या है और वह लोगों को बता सकें कि आज देश की जनसंख्या 125 करोड़ हो गयी है और इसमें होती यह निरंतर वृद्धि कितने बड़े संकट का संकेत है। आने वाले समय में लोगों के पास न तो पहनने को कपड़ा होगा न खाने के लिए रोटी यहीं नहीं संस्था का उद्देश्य देश के नेताओं को जागरूक करना भी है। फांउडेशन के अध्यक्ष दिनेश तलवार द्वारा उत्तराखंड के सभी मंत्री और विधायकों को 125 करोड़ आबादी होने पर उन्हें बधाई पत्र भेजे जा रहे है। उनका कहना है कि किसी तरह तो हमारे प्रदेश और केन्द्र सरकार की नींद टूटे और उसकी यह समझ में आए कि इस बढ़ती जनसंख्या को रोका जाना जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड में कन्या भू्रण हत्या के कारण बेटियों की घटती जनसंख्या के बारे में कहा कि राज्य में लिंगानुपात निंरतर बिगड़ रहा है और अब एक हजार पुरूषों के बीच 900 से भी कम महिलाएं बची है। उन्होंने कहा कि दून में नवजात बच्चों में 1000 लड़कों पर 890 लड़कियां नैनीताल में 891 पिथौरागढ़ में 812, चंपावत में 870 और रूद्रप्रयाग में 899 लड़कियां है। इससे यह सहज समझा जा सकता है कि समाज में किस तरह की विंसगतियां पैदा हो चुकी है। हरिद्वार से 25 अप्रैल को शुरू की गयी यह पद यात्रा आज दून पंहुची इस यात्रा में पीसी खन्ना, उमेश कुमार, कांति प्रसाद, मोहनी कुमार, दिशा तलवार आदि लोग प्रमुख
रूप से शामिल थे।

मतदान करने की अपील 

देहरादून, 26 अप्रैल । शुक्रवार को एक संयुुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए नेताजी संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल और विजय पाहवा ने देहरादून की जागरूक और शिक्षित जनता का आहवान किया कि वह 28 अप्रैल को होने वाले नगर निकाय चुनाव में अपने मत का प्रयोग अवश्य करें उन्होनें कहा कि मतदान करना प्रत्येक मतदाता का अधिकार है और उसे अपना जन प्रतिनिधी चुनना चाहिये डंडरियाल ने जनता का आहवान किया कि वह ऐसे उम्मीदवारों मेयर और र्पाषद को चुने जो सुख दुख में साथ रहा हो बिना किसी लालच के मतदान करें।

मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से भेंट
  • उत्तराखण्ड के लिए दो अतिरिक्त ट्रॉमा सेंटर की मांग


नई दिल्ली/देहरादून, 26 अप्रैल। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने षुक्रवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से राज्य के लिये दो अतिरिक्त ट्रॉमा सेन्टर स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने जनपद उधमसिंह नगर के सितारगंज और टिहरी गढ़वाल के नई टिहरी क्षेत्र के लिये दो ट्रॉमा सेन्टर स्वीकृत करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और इस कारण यहां सड़कों पर यातायात पिछले कुछ वर्शो में तेजी से बढ़ा है। राज्य अपनी विशम भौगोलिक परिस्थितियों एवं प्राकृतिक आपदाओं की संभावना के कारण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने में लगा है। सड़क दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाआंे से होने वाली जन-हानि को रोकने के लिये राज्य सरकार प्रदेष में पर्याप्त मात्रा में ट्रॉमा सेन्टर खोलने हेतु संकल्पित है। इससे पहले मुख्यमंत्री बहुगुणा ने एम्स में भर्ती उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एन डी तिवारी का कुषलक्षेम पूछा और उन्हें अपनी षुभकामनाएं दी।

महार रेजिमेंट एवं रेड ईगल डिवीजन द्वारा माऊण्ट त्रिषूल पर्वतारोहण

देहरादून, 26 अप्रैल । महार रेजिमेन्ट जोकि भारतीय सेना की एक प्रतिष्ठित एवं उत्तम रेजिमेन्ट है और रेड ईगल डिविजन ने एक संयुक्त पर्वतारोहण दल, त्रिषूल पर्वत षिखर (7120 मीटर) पर विजय हासिल करने के लिये प्रारम्भ किया । यह षिखर गढवाल हिमालय में स्थित है तथा भगवान षिव के दर्षन का द्वार माना जाता है। यह अभियान महार रेजिमेन्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली वर्ष 2016 में माउण्ट एवरेस्ट षिखर पर विजय हासिल करने के क्रम में एक प्रयास है। इस पर्वतारोहण दल का नेतृत्व 1 महार के लेफ्टिनेंट कर्नल अमित बिष्ट कर रहे हैं जोकि एक कुषल पर्वतारोही हैं । मेजर जनरल सुरिन्दर सिंह, विषिष्ठ सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, रेड ईगल डिवीजन ने 26 अप्रैल  2013 को  लखनऊ छावनी में पर्वतारोहण दल  को बहुत हर्ष और उल्लास से फ्लैग ऑफ किया। इस पर्वतारोही दल में 4 अधिकारी, 3 सरदार तथा 17 अन्य पद महार रेजिमेन्ट तथा रेड ईगल डिवीजन कि युनिटों से चुने गये हैं।  यह दल जोषीमठ, रूद्रप्रयाग, नंदप्रयाग होते हुये बागड जगह तक रोड से जायेगा। तत्पष्चात नंदा देवी अभ्यारण्य के बाहरी चुनौतीपूर्ण एवं अत्यन्त मुष्किल पर्वतीय रास्ते से 34 किलोमीटर की दूरी तय कर बेस कैम्प में पहुंचेगा। दल को मई के अन्तिम सप्ताह में विजय हासिल करने तक तीन और कैम्प लगाने पडेंगे। यह पर्वतारोही दल गढवाल पर्वत माला की रक्षा तथा हमारे जंगलों और इकोलोजी के बारे में जागरूकता का प्रचार करेगा। यह अभियान लेफ्टिनेंट जनरल ज्ञान भुषण, परम विषिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विषिष्ट सेवा मेडल, विषिष्ट सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिग-इन-चीफ, दक्षिण पष्चिमी कमान एवं कर्नल ऑफ दी महार रेजिमेन्ट के नेतृत्व में एक और महान उपलब्धि होगी। 

मोदी का भव्य स्वागत

देहरादून, 26 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों के द्वारा भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय नेता एवं गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। मोदी हरिद्वार पतंजलि योग पीठ में  योग गुरू बाबा रामदेव के कार्यक्रम में भाग लेने आये हैं इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में देश दुनिया की आध्यात्मिक विभूतियां भाग ले रही हैं। मोदी बाबा रामदेव के गुरूकुल पद्धति पर आधारित शिक्षण संस्था आचार्यकुलम का उद्घाटन करेंगे। मोदी के साथ भाजपा नेताओं ने एयरपोर्ट पर एक घंटे चर्चा की। मोदी जब उत्तराखण्ड राज्य के प्रभारी थे तब की यादों को उन्होंने ताजा किया। प्रदेश के नेताओं ने मोदी के साथ वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य पर चर्चा की। मोदी को पिछली भाजपा सरकार की उपलब्धियों व वर्तमान में कांग्रेस सरकार के कारनामों से अवगत कराया। प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत , पूर्व मुख्यमंत्री डा0 रमेश पोखरियाल ‘‘निशंक‘‘, प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार एवं राष्ट्रीय मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी नें मोदी का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें राज्य में आने का आमंत्रण दिया।  मोदी का स्वागत करने वालों में उपरोक्त नेताओं के अतिरिक्त ऋषिकेश के विधायक प्रेम अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष श्रीमती नीलम सहगल व पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत मित्तल भी थे। 

आजादी के बाद बहुत कुछ पाया, लेकिन अभी बहुत कुछ है शेष: मोदी

देहरादून, 26 अप्रैल। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तय कार्यक्रम के अनुरूप हरिद्वार पंहुचे, शुक्रवार को उन्होंने यहां बाबा रामदेव के ड्रीम प्रोजेक्ट आचार्य कुलम् का उद्घाटन किया। कांग्रेस बीते कई दिनों से उनके इस हरिद्वार दौरे का विरोध कर रही थी जिसे देखते हुए आयोजकों ने ऐन वक्त पर नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में थोडा फेरबदल भी किया। भाजपा के तमाम नेताओं ने जौलीग्रांट हवाई अड्डा पंहुचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। सड़क मार्ग से हरिद्वार पंतजलि योगपीठ पंहुचे। इस अवसर पर नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र और समाज निर्माण में बाबा रामदेव की भूमिका को असाधरण बताते हुए कहा कि उन्होंने अध्यात्म योग और आयुर्वेद को नई उंचाईयों पर पंहुचाया है। उन्होंने कहा कि आज हमारे नयी पीढ़ी को शिक्षा से अधिक संस्कारों की जरूरत है। बाबा रामदेव द्वारा आचार्य कुलम् का जो सपना संजोया गया है। वह इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। आचार्य कुलम् में छात्र और छात्राओं को शिक्षा के साथ अध्यात्म और योग की शिक्षा भी दिये जाने की व्यवस्था है। जो देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। उन्होंने देश के वर्तमान हालत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आजादी के बाद हमने बहुत कुछ पाया है लेकिन अभी बहुत कुछ ऐसा है जो शेष है। राजनीति का सरोकार देश और समाज का कल्याण ही होना चाहिए। निजी स्वार्थों के लिए राजनीति नहीं की जानी चाहिए। कांग्रेस के विरोध के बारे में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन देश में मंहगाई, भ्रष्टाचार और अराजकता के लिए कांग्रेस को जिम्मेवार जरूर ठहराया है। 

लड़की ने कहा नहीं हुआ रेप

देहरादून, 26 अप्रैल । एक बलात्कार पीड़ित लड़की को पुलिस मेडिकल के लिए ले जाने लगी, तभी लड़की ने खुद इस बात से इंकार कर दिया कि उसके साथ कुछ भी नहीं हुआ है। लोहियानगर ब्रहमपुरी निवासी अबरार अहमद ने बीते 24-25 अप्रैल को पटेलनगर थाने में दिलशाद और हिना के खिलाफ मारपीट करने तथा भूरा के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी 11 वर्षीय को भागकर ले जाने तथा गलत काम करने की रिपेार्ट दर्ज करायी गयी थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। वहीं अबरार अहमद की रिपोर्ट पर उसकी पुत्री का मेडिकल कराने का प्रयास किया गया लेकिन जब पुलिस बच्ची को मेडिकल कराने के लिए ले जाने लगी तो बच्ची ने साथ जाने से मना करते हुए कहा कि वह कहीं नहीं जायेगी उसके साथ कुछ नहीं हुआ है। लड़की के द्वारा इस तरह की बात कहंे जाने के बाद पुलिस खुद हैरानी में पड़ गयी पुलिस का कहना है कि वादी अबरार अहमद ने यदि पुलिस को गलत जानकारी दी है तो इस मामले में उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।

कोकाकोला प्लांट का विरोध करेगी एबीवीपी

देहरादून, 26 अप्रैल। एक ओर जहां क्षेत्रवासियों ने विकासनगर क्षेत्र के छरबा गांव में प्रस्तावित कोकाकोला के प्लांट का विरोध शुरू कर दिया है। वहीं अब एबीवीपी भी इस प्लांट के संभावी पर्यावरणीय खतरों के कारण इसके खिलाफ आंदोलन का मन बना चुकी है। इस आशय की जानकारी शुक्रवार को यहंा एबीवीपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में देते हुए छात्र नेता आशीष बहुगुणा द्वारा दी गयी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोकाकोला के साथ 600 करोड़ के निवेश का करार करते हुए छरबा गांव की जो 60 एकड़ प्रस्तावित भूमि इस कंपनी को दिये जाने को दी जानी है उस पर शीशम का जंगल है जिसके कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पंहुचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह कदम पर्यावरण विशेषज्ञों से राय मशवरा करने के बाद उठाना चाहिए था। साथ ही उन्होंने कहा कि कोकाकोला के इस प्लंाट को प्रतिदिन 50 हजार से लेकर 2 लाख लीटर पानी की जरूरत होगी। जिन नदियों से इस प्लांट को पानी मिलना है। उन नदियों पर बनी बिजली परियोजनाओं के लिए तो पर्याप्त पानी मिल नहीं पाता है ऐसी स्थिति में इस कंपनी को पानी दिया जाना कैसे संभव होगा। यदि यह कंपनी भूमिगत जल का इस्तेमाल करेंगी तो क्षेत्र भूजल को भारी खतरा पैदा हो सकता है। छात्र नेताओं ने कहा कि इस सरकार की इस योजना से पर्यावरण को भारी नुकसान की संभावना है इसके लिए 25 हजार खैर और शीशम के पेड़ों का कटान किया जाना तय है वहीं इन छात्र नेताओं ने क्षेत्र में प्लांट के लगने से प्रदूषण और गंदगी फैलने की आशंका भी जताया है छात्र नेताओं ने कहा कि उनका भी राज्य हितों से गंभीर सरोकार है इसलिए वह सभी प्रबुद्धजनों पर्यावरणविदों व सामान्य नागरिकों से अपील करते है कि वह इसका विरोध करें। उन्होंने कहा कि सरकार यदि अपना निर्णय नहीं बदलती तो एबीवीपी छात्र नेता इसके खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे।

रजनी रावत ने निकाली रैली

देहरादून, 26 अप्रैल। बसपा के टिकट पर मेयर पद के पर चुनाव लड़ रही किन्नर मैडम रजनी रावत ने ईसी रोड स्थित अपने चुनावी कार्यालय से एक रैली का आयोजन किया। रजनी के शक्तिप्रदर्शन से राजधानी की सड़कें जाम हो गयी अपितु प्रतिद्वंद्वियों के भी पसीने छूट गये। हाथी के चुनाव चिन्ह वाला झंडा, छाते, पोस्टर, बैनर लिये हजारों की तादात में बसपा समर्थकों की भीड़ इस रैली में देखने को मिली। नामांकन के बाद शुक्रवार को उनके समर्थकों ने रैली के जरिए सड़कों पर उतरकर विरोधियों को भी यह एहसास करा दिया है कि वह उन्हें कम करके न आंके। रजनी रावत के पुराने अनुभव भी इस बार चुनाव प्रचार के दौरान उनके काम आये है लोगों के बीच जाना और अपनी बात कहने की कला उन्होंने काफी हद तक सीख ली है। रैली में उमड़ी भीड़ के कारण दून की सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गयी रजनी रावत का काफिला जिधर से भी गुजरा पूरा शहर बसपा के नीले रंग में रंगा दिखायी दिया।

कांग्रेस ने एक वर्ष के कार्यकाल में भाजपा के पांच वर्ष से ज्यादा काम किया: चौधरी

देहरादून, 26 अप्रैल । चुनाव प्रचार अभियान में जुटे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील चौधरी ने कहा कि कागं्रेस सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में उतने विकास कार्य किये है जितने भाजपा ने पंाच साल में भी नहीं किये थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निगम और पंचायत चुनावों में भारी बहुमत से जीतकर आयेंगी। उन्होंने विनोद चमोली के पांच साल के कार्यकाल को जनता को गुमराह करने वाला बताया उन्होंने कहा कि जनता इसका जवाब भाजपा और विनोद चमोली को इस चुनाव मंे देने जा रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कांग्रेस के पक्ष में वोट करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में प्रदेश के विकास को नई उंचाईयां मिली है।

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