कोयला व इस्पात समिति का नीलामी में विलंब पर आपत्ति. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 28 अप्रैल 2013

कोयला व इस्पात समिति का नीलामी में विलंब पर आपत्ति.


संसद की एक समिति ने नीलामी के जरिये कोयला खानों के आवंटन में अनुचित विलंब करने के लिए सरकार को फटकार लगाई है। तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी की अध्यक्षता वाली कोयला व इस्पात से संबद्ध समिति ने कहा कि समिति बोली प्रक्रिया के जरिये आवंटन में विलंब पर दुखी है और बिना किसी विलंब के इस संबंध में परामर्श प्रक्रिया पूरी करने की पुरजोर सिफारिश करती है, जिससे चिन्हित कोयला खानों का जल्द आवंटन सुनिश्चित हो सके।

समिति ने पिछले सप्ताह संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में नीलामी में अनुचित विलंब पर आपत्ति भी जताई और कहा कि कोयला खानों की प्रतिस्पर्धी बोली के जरिये नीलामी की प्रणाली पेश करने के लिए संसद द्वारा खान एवं खनिज संशोधन कानून, 2010 पारित किए जाने के बावजूद यह विलंब हुआ। समिति ने कहा कि पिछली रिपोर्ट में उसने कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए कहा था, इसके बावजूद यह विलंब हुआ। समिति ने यह भी कहा कि यद्यपि क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट अक्तूबर, 2012 में ही सौंप दी, मंत्रालय ने अभी तक प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया। क्रिसिल का चयन खानों की नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य तय करने के वास्ते कोयला मंत्रालय के सलाहकार के तौर पर किया गया था।

कोई टिप्पणी नहीं: