संसद की एक समिति ने नीलामी के जरिये कोयला खानों के आवंटन में अनुचित विलंब करने के लिए सरकार को फटकार लगाई है। तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी की अध्यक्षता वाली कोयला व इस्पात से संबद्ध समिति ने कहा कि समिति बोली प्रक्रिया के जरिये आवंटन में विलंब पर दुखी है और बिना किसी विलंब के इस संबंध में परामर्श प्रक्रिया पूरी करने की पुरजोर सिफारिश करती है, जिससे चिन्हित कोयला खानों का जल्द आवंटन सुनिश्चित हो सके।
समिति ने पिछले सप्ताह संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में नीलामी में अनुचित विलंब पर आपत्ति भी जताई और कहा कि कोयला खानों की प्रतिस्पर्धी बोली के जरिये नीलामी की प्रणाली पेश करने के लिए संसद द्वारा खान एवं खनिज संशोधन कानून, 2010 पारित किए जाने के बावजूद यह विलंब हुआ। समिति ने कहा कि पिछली रिपोर्ट में उसने कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए कहा था, इसके बावजूद यह विलंब हुआ। समिति ने यह भी कहा कि यद्यपि क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट अक्तूबर, 2012 में ही सौंप दी, मंत्रालय ने अभी तक प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया। क्रिसिल का चयन खानों की नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य तय करने के वास्ते कोयला मंत्रालय के सलाहकार के तौर पर किया गया था।
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