विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कहा कि वह मंगलवार को वर्ष 2013-14 के लिए वित्त विधेयक लोकसभा में पारित होने देगी, क्योंकि वह नहीं चाहती कि इसे लेकर कोई 'संवैधानिक संकट' पैदा हो। भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "हम एक जिम्मेदार विपक्ष हैं और हम नहीं चाहते कि संवैधानिक संकट पैदा हो। इसलिए हम मंगलवार को लोकसभा में वित्त विधेयक पारित होने देंगे, हालांकि हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।"
उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि जब भाजपा का विरोध जारी रहेगा तो पार्टी किस तरह वित्त विधेयक पारित होने देगी। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने केवल इतना कहा, "विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज मंगलवार दोपहर लोकसभा में बयान देंगी और पार्टी का रुख स्पष्ट करेंगी।" जावड़ेकर ने सत्तारूढ़ कांग्रेस की यह कहते हुए आलोचना की कि वह सरकारी कामकाज को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा, "सरकार को तो यह भी याद नहीं था कि वित्त विधेयक 30 अप्रैल से पहले पारित कराना है। इसके लिए सरकार ने छह मई की तिथि निर्धारित कर रखी थी। उन्हें जब यह एहसास हुआ कि विधेयक को लोकसभा में 30 अप्रैल से पहले ही पारित कराना है तो कमलनाथ (केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री) ने सुषमा स्वराज से मुलाकात की। सुषमा ने ही उन्हें इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की सलाह दी।" जावड़ेकर ने कहा, "हम केंद्रीय कानून मंत्री (अश्विनी कुमार) और प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े हैं।"

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