बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गुजरात के गोधरा कांड के समय भले ही वह रेल मंत्री थे, लेकिन किसी जगह पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की होती है, केंद्रीय मंत्री की नहीं।
नीतीश ने यह बात कहकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी, दोनों के आरोप का जवाब दे दिया। पटना में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा कि रेल मंत्री को दो रेलगाड़ियों में टक्कर या किसी रेल दुर्घटना के लिए तो जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, लेकिन जिस राज्य से रेलगाड़ियां गुजरती हैं, वहां की कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि गोधरा कांड के अगले दिन तो संसद चली ही नहीं, तीसरे दिन संसद में उनके एक-एक प्रश्न का उत्तर वह दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसी बात को उलझाना और बेबुनियादी आरोप लगाना लालू प्रसाद की पुरानी आदत है। गौरतलब है कि सोमवार को भाजपा की प्रवक्ता मीनाक्षी और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा था कि गुजरात के गोधरा कांड के समय नीतीश ही रेल मंत्री थे। लालू ने आरोप लगाया था कि उस समय नीतीश ने जांच प्रभावित करने के लिए हर प्रकार का हथकंडा अपनाया था, जांच नहीं होने दी थी।
2002 में गोधरा रेलवे स्टेशन पर अयोध्या से लौट रहे कारसेवकों के डब्बे में कथित तौर पर कुछ स्थानीय लोगों ने आग लगा दी थी, जिस कारण 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना की प्रतिक्रिया में गुजरात में दंगे भड़क गए थे। उस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भाजपा नेता नरेंद्र मोदी थे। उन पर दंगों पर काबू पाने में विफल रहने का आरोप लगा था। लालू प्रसाद यादव और बीजेपी ने नीतीश के रेल मंत्री रहते हुए गोधरा कांड के बहाने निशाना साधा था। आज नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। हम आपको बता दें कि गोधरा कांड के दौरान नीतीश कुमार रेल मंत्री थे। इस बीच कांग्रेस ने एक बार फिर एनडीए की लड़ाई पर चुटकी ली है। मनीष तिवारी ने कहा है कि एनडीए के दल एक दूसरे के गले पर चाकू लगाए खड़े हैं। मनीष तिवारी ने कहा कि बीजेपी में जो गृहयुद्ध चल रहा है उसमें शिष्टाचार भी नहीं बचा है।
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