उत्तराखंड की खबर (13 मई) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 13 मई 2013

उत्तराखंड की खबर (13 मई)


दिग्गज कांग्रेसी नेता चाहते हैं नया प्रदेश अध्यक्ष!

देहरादून, 13 मई। अपने ही क्षेत्रों में निकाय चुनाव में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेसी दिग्गज, अपनी गलतियां खोजने के बजाय अब सरकार और पार्टी संगठन की बुराईयों को तलाशने में लग गए हैं, इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव में मिली हार का ठीकरा भी प्रदेश संगठन के सर फोड़ कांग्रेसी दिग्गज कांग्रेस हाईकमान की नजर में खुद को इस हार के लिए जिम्मेदार नहीं दिखाना चाहते। वहीं कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के अुनसार सूबे के बड़े कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और काबिना मंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष यशपाल आर्य की करीबी को नहीं देखना चाहते, जिसके लिए वे अब हाईकमान के उपर संगठन के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव का दबाव दे रहे है। वहीं इन दिग्गज नेताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य वर्तमान में सूबे में काबीना मंत्री का भी दायित्व संभाल रहे है, जिससे उन पर ज्यादा भार पड़ गया है, जिसके कारण वह यह दोनों ही जिम्मेदारियों को ठीक से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सूत्रों ने बताया कि यशपाल आर्य को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर किसी अन्य को इस पद पर बैठाना आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है। कांग्रेसी सूत्रों ने कहा कि पार्टी संगठन के हित में हाईकमान ने भी नये प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है, साथ ही यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा सूबे के नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम भी फाईनल किया जा चुका है, लेकिन प्रदेश संगठन के नेतृत्व परिवर्तन को फाइनल टच देने से पहले हाईकमान खुद के द्वारा निकाय चुनाव में हार के कारणों की कराई जा रही समीक्षा पर मंथन करने पर है ताकि उसके किसी भी निर्णय की गलती न हो जाए और संसदीय चुनाव में पार्टी के सियासी समीकरण न बिगाड़ दे। एक ओर जहां हाईकमान को दबाव में लेकर प्रदेश के शीर्षस्थ नेता प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की बातें कर रहे हों, वहीं इस मामले में गढवाल संासद सतपाल महाराज और केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत समेत कई दिग्गजों ने कोई कसर बाकी नहीं रखी है। इन दिग्गजियों ने अपरोक्ष रूप से दस जनपथ पर इस बात को प्रकट भी कर दिया कि पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने में हो रहे विलंब से पार्टी संगठन का कामकाज प्रभावित हो रहा है, साथ ही सूबे में पार्टी की साख भी खंडित हो रही है, जिससे संसदीय चुनाव में पार्टी के सियासी समीकरण प्रभावित होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा ने की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा, शेष कार्यकारिणी की घोषणा आज

देहरादून, 13 मई। भारतीय जनता पार्टी उŸाराखण्ड प्रदेश की कार्यकारिणी को सोमवार को घोषित कर दिया गया है। वहीं शेष कार्यकारिणी की घोषणा आज मंगलवार को की जाएगी। प्रदेश कार्यकारिणी में धन सिंह रावत के साथ ही, केदार जोशी, खजान दास ,मदन कौशिक, नारायण सिंह राणा, कर्नल. सी.पी. नौटियाल, श्रीमती कुसुम कण्डवाल, अनिल गोयल को उपाध्यक्ष बनाया गया है, वहीं संजय कुमार महामंत्री (संगठन), नरेश बंसल महामंत्री, ज्ञान सिंह नेगी महामंत्री, प्रकाश पंत महामंत्री, बलवन्त सिंह भौर्याल मंत्री, रजनी कुकरेती मंत्री, श्रीमती दीप्ती रावत मंत्री, श्याम वीर सैनी मंत्री, हेमन्त द्विवेदी मंत्री, श्रीमती नीरु देवी मंत्री, श्रीमती कुसुम गांधी मंत्री, कु. स्वराज विद्वान मंत्री, आशीष गुप्ता कोषाध्यक्ष, सुरेश जोशी प्रवक्ता, प्रकाश सुमन ध्यानी प्रवक्ता, अनिल बलूनी प्रवक्ता, उमेश अग्रवाल प्रदेश मीडिया प्रभारी, सुरेश तिवारी प्रदेश सह मीडिया प्रभारी (कुमांऊ), अभिमन्यु कुमार प्रदेश सह मीडिया प्रभारी (गढ़वाल) बने। इनके साथ ही महेन्द्र भट्ट गढ़वाल संयोजक, हुकुम सिंह कंुवर कुमांऊ संयोजक, रविन्द्र बजाज समस्त मोर्चा प्रभारी, कैलाश पंत समस्त प्रकोष्ठ प्रभारी, प्रेम बड़ाकोटी संयोजक साहित्य एवं प्रकाशन, श्रीमती विनोद उनियाल सह संयोजक साहित्य एवं प्रकाशन, भारत सिंह चैहान सह संयोजक साहित्य एवं प्रकाशन स्थायी आमंन्त्रित सदस्य बनाए गए।  भारतीय जनता पार्टी उŸाराखण्ड प्रदेश की कार्यकारिणी प्रदेश में मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा भी कर दी गयी है, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के लिए सौरभ थपलियाल, भारतीय जनता महिला मोर्चा के लिए श्रीमती मंजू तिवारी, भारतीय जनता अनुसूचित मोर्चा के लिए श्रीमती बीना आर्य, भारतीय जनता किसान मोर्चा के लिए सुशील चैहान, भारतीय जनता अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राम किशन सिंह रावत, भारतीय जनता अल्पसंख्यक मोर्चा के लिए अमीर अहमद कादरी को चुना गया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी उŸाराखण्ड प्रदेश की अनुशासन समिति का भी गठन कर दिया गया है, जिसमें मोहन लाल बौंठियाल अध्यक्ष, अतर सिंह असवाल सदस्य, कृष्ण चन्द पुनैठा सदस्य, देवीदŸा दानी सदस्य, डाॅ. कल्पना सैनी सचिव बनाए गए हैं।

उŸाराखण्ड में स्थापित होगी बीएसएफ की बटालियन, देहरादून के डोईवाला ब्लाक में भूमि की गई चिन्हित
  • टिहरी की एडवेंचर स्पार्टस एकेडमी में प्रषिक्षण में भी सहयोग करेगी बीएसएफ


देहरादून, 13 मई। उŸाराखरण्ड में बीएसएफ की एक बटालियन स्थापित होने जा रही है। भारत सरकार इसकी स्वीकृति पहले ही दे चुकी है। डोईवाला ब्लाॅक के बुल्लेवाला गांव में इसके लिए 20 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है जबकि लगभग 50 एकड़ जमीन और चिन्हित करते हुए औपचारिकताएं शीघ्र पूरी किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। सचिवालय में बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि चीन व नेपाल की सीमा पर होने से उŸाराखण्ड सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए हर सम्भव सहयोग करने के लिए तत्पर है। बीएसएफ बाटालियन की स्थापना से सुरक्षा को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुमायूं में भी बीएसएफ की एक अन्य बटालियन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया जाएगा। अधिकारियों को शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि उŸाराखण्ड में बीएसएफ की एक बटालियन स्थापित किए जाने की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी गई थी। इसके लिए डोईवाला ब्लाक के बुल्लेवाला गांव में 20 एकड़ जमीन राज्य सरकार उपलब्ध करा चुकी है। इसी भूमि के समीप ग्राम समाज की 15 एकड़ भूमि उपलब्ध करवा दी जाए तो वहां बीएसएफ के तहत केंद्रीय विद्यालय खोले जाने के लिए कार्यवाही की जा सकती है। बटालियन के ट्रेनिंग सेंटर के लिए दूधली रोड़ पर लगभग 25 एकड़ भूमि जो कि वन भूमि में आती है, और चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन भूमि के लिए पर्यावरण मंत्रालय को स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा जाए। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से ग्राम समाज की भूमि बीएसएफ को देने की कार्यवाही की जाए। बीएसएफ के अधिकारियों ने टिहरी में स्थापित होने जा रही एडवेंचर स्पोर्टस एकेडमी में ट्रेनिंग में सहयोग देने का प्रस्ताव भी दिया। मुख्यमंत्री ने भी इस पर अपनी सहमति दी। बैठक में बीएसएफ के डीजी सुभाष जोशी, आईजी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एसएस संधु, सचिव भाष्करानंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षकों का सचिवालय कूच, पुलिस से तिखी नोंक-झोंक

देहरादून, 13 मई । सोमवार को विशिष्ट बीटीसी टीईटी प्रशिक्षु शिक्षिकों द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के तहत उस वक्त घमासान की स्थिति पैदा हो गयी जब इन आंदोलनकारियों को सचिवालय जाने से रोका गया। बीटीसी टीईटी प्रशिक्षितों के साथ पुलिस भी जमकर धक्का-मुक्की हुई जिसमें कई महिलाओं को चोटें भी आई है। यंू तो कई महीनों से यह विशिष्ट बीटीसी टीईटी प्रशिक्षु शिक्षक अपनी मौलिक नियुक्तियों की समस्या के निस्तारण के लिए आंदोलन कर रहे है लेकिन पिछले चार दिनों से परेड ग्राउंड में इनका धरना चल रहा है तय कार्यक्रम के अनुसार आज प्रदेशभर के प्रशिक्षु शिक्षक धरना स्थल पर एकत्रित हुए। जहां से उन्होंने रैली की शक्ल में सचिवालय कूच किया। लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें सचिवालय से पूर्व ही बैरेकेटिंग लगाकर रोक दिया गया। आगे जाने की जिद पर अड़े यह प्रशिक्षु शिक्षक पुलिस से भिड़ गये और उन्होंने बैरेकैटिंग को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी नोंक झोंक हुई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अनुप जदली के नेतृत्व में राज्य के सभी 13 जनपदों से बड़ी संख्या में प्रशिक्षु शिक्षक यहां इकट्ठे हुए थे उनका कहना था कि सरकार से उनकी कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है सरकार ने न्यायालय में उनका पक्ष रखने की बात कहीं थी लेकिन सरकार ने इस मामले में उचित पैरवी नहीं की जिसके दौरान डेढ़ माह बाद भी राज्य के अतिदुर्गम राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सेवारत प्रशिक्षुओं की नियुक्ति के संदर्भ में सरकार द्वारा कोई नीति नहीं बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि उनकी मांगो को नहीं मानती है तो वह फिर उग्र आंदोलन करने पर और सचिवालय पर तालाबंदी करने पर आमरण अनशन पर विवश होंगे। इस अवसर पर महेश सकलानी, सुशील जोशी, अनिल कोटनाला, चन्द्र प्रकाश उनियाल, धमेन्द्र सिंह रावत, प्रमिला ममंगई, अनिता नेगी, प्रदीप बिष्ट, अवतार सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

देहरादून, 13 मई । विधि विधान के साथ सोमवार के दिन अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पवित्र धम गंगोत्री और यमनोत्री धामों के कपाट विधिवत पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दशनार्थ खोल दिये गये। पुण्य कमाने की लालसा से प्रेरित हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। पंरपरा के अनुरूप आज अक्षय तृतीया के अवसर पर पहले 11बजे गंगोत्री धाम के कपाट पूजा-अर्चना के साथ खोले गये। वहीं गंगोत्री धाम के कपाट निर्धारित समय 2ः25 पर खुले। भारी सर्दी के बीच भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। चारधाम यात्रा जिसे स्वर्ग की सीढ़ी माना जाता है और अक्षय तृतीया जिसके बारे में मान्यता है कि इस दिन किये गये सत्कर्म और पुण्य का कभी नाश नहीं होता और हमेशा अक्षय फल प्राप्त होता है के कारण हर साल की तरह इस साल भी अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमनोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खोले गये। मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से धरती पर अवतरित हुई थी। मां गंगा की डोली सोमवार सुबह गंगोत्री धाम पंहुची और अपने छह माह के शीतकालीन प्रवास के बाद सोमवार को पूजा अर्चना और मूर्ति भोगकर मां गंगा को गर्भ गृह में भक्तों के दर्शनांे के लिए स्थापित किया गया। ढोल-दमाउ और पांच गढ़वाल राइफल बैंड के साथ धूमधाम से मां का स्वागत किया गया। इस अवसर पर देश भर से आए श्रद्धालुओं ने मंा के दर्शन कर पुण्यलाभ कमाया।

एमडीडीए की कार्यप्रणाली के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी 

देहरादून, 13 मई । एमडीडीए द्वारा चकराता रोड पुनर्विकास योजना को लेकर की जा रही कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। चकराता रोड पुर्नविकास योजना विरोधी मोर्च की बैठक में वक्ताओं ने एमडीडीए की कार्यप्रणाली को बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एमडीडीए द्वारा एक वर्ष पूर्व से अधिक पुराने चालन जो शेष बचे हुए भवनों की मरम्मत करने के लिए प्राप्त हुए थे उन पर पुनः सुनवाई नियत करने के लिए नोटिस जारी करना या बताता है कि एमडीडीए क्षेत्रवासियों का उत्पीड़न करने पर उतारू है। प्रभावित व्यापारियों को बताया गया था कि चकराता रोड के ध्वस्तीकरण के सभी वाद निरस्त हो गये है। बैठक में दून उद्योग मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया, प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना किसी भी तरह जनहित में नहीं है तथा सिफ अधिकारियों के हित में है उन्होंने कहा कि चकराता रोड के व्यापारी जनहित में पहले ही अपनी दुकानों और मकानों की आहुति दे चुके है और वह आज भी डेढ़ साल बाद भी संघर्ष कर रहे है। उमेश अग्रवाल ने कहा कि अब वह किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके लिए उन्हें आंदोलन करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।



(राजेन्द्र जोशी)

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