ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त समेत समूचे कुश्ती जगत ने इस खेल के ओलंपिक 2020 में शामिल होने की संभावना पर खुशी जताई.
लगातार दो ओलम्पिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाले सुशील कुमार और लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर सहित समूचे कुश्ती जगत ने इस खेल के ओलंपिक 2020 के मुख्य खेलों में शामिल होने की पहली बाधा पार करने पर खुशी जाहिर की.
ओलंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओलंपिक के मुख्य खेलों की सूची से हटा दिया था. लेकिन मास्को के सेंट पीट्सबर्ग में बुधवार रात हुई बोर्ड की बैठक में आठ में से जिन तीन खेलों को दावेदारों की सूची में बनाये रखा गया है उनमें कुश्ती भी शामिल है. कुश्ती को अब आठ सितंबर को ब्यूनसआयर्स में होने वाली आईओसी की आम सभा की बैठक में स्क्वाश तथा एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा. इन तीनों में केवल एक खेल को ओलंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी.
पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी. सुशील और योगेश्वर ने कुश्ती को उन तीन खेलों में शामिल करने के अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के फैसले का गुरुवार को स्वागत किया. सुशील ने कहा, ‘‘मैं देश के पहलवानों खासकर जूनियर स्तर के पहलवानों से कहना चाहता हूं कि वे जीजान से मेहनत करें. कुश्ती ओलम्पिक खेलों शामिल हो कर रहेगी. ऐसा मेरा पूरा विश्वास है.’’
सुशील ने कहा कि उनके कंधे की चोट अब ठीक हो चुकी है और वह अमेरिका में ट्रेनिंग के लिये जाएगें जिसके बाद विश्व कुश्ती में भाग लेंगे. इस स्टार पहलवान ने कहा ‘‘मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिन्होंने कुश्ती का समर्थन किया. पहलवानों के लिए बहुत अच्छी खबर है. मुझे उम्मीद है कि कुश्ती को फिर से ओलंपिक में शामिल किया जाएगा. कुश्ती बेहद लोकप्रिय खेल है और आईओसी का यह अच्छा कदम है.’’
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि खेल को दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए उसमें लाए गए नए बदलाव उसके पक्ष में गए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं. यह 2020 के ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है. हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलंपिक का हिस्सा बनेंगे.’’ योगेश्वर ने कहा कि कुश्ती आधुनिक ओलंपिक ही नहीं बल्कि प्राचीन ओलंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है.
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