दानवों ने उसे उसी वक्त जलाकर मार डाला
नरकटियागंज, शिकारपुर थाना के अंजुआ गाँव में 24 मई 2013 की रात करीब 9 बजे जहाँ लोग बारात का आनन्द ले रहे थे, वहीं अनिता जिन्दगी और मोत से जूझ रही थी। दहेज दानवों ने उसे उसी वक्त जलाकर मार डाला और उसकी चीखें बारात में शामिल लोगों की कान तक नहीं पहुंच सकी। बाहर बज रहे बैण्डबाजा की आवाज में उसकी चीखे दबकर उसके घर की दीवार के भीतर रह गयी। बारात के गुजर जाने के बाद ग्रामिणों को जब इसकी भनक मिली तो उनमें से किसी ने अनिता के मायके वालों को खबर किया। मृतका के पिता मदन प्रसाद अंजुआ पहुंचे और शिकारपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। अवर निरीक्षक ओमप्रकाश अंजुआ पहुचे, हालात को देखा तो मृतका के परिवार वाले फरार पाये गये। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और शिकारपुर थाना लाया। 25 मई 2013 को मृतका के पिता मदन प्रसाद मच्छरगाँवा योगापट्टी ने पुलिस को आवेदन दिया।
मदन प्रसाद के अनुसार 18 अप्रील 2006 में उन्होने अशर्फी साह के पुत्र बैद्यनाथ साह के साथ अपनी पुत्री अनिता कुमारी की शादी परम्परागत रीति से सम्पन्न किया। उसके बाद करीब दो वर्ष बाद दिनेश का जन्म हुआ तथा दहेज की मांग प्रारम्भ हो गयी। इसके बाद अनिता के दूसरे पुत्र रोहित का जन्म हुआ तो प्रताड़ना और बढ गयी। अनिता के पिता मदन प्रसाद ने एसडीजेएम बेतिया के न्यायालय में परिवाद संख्या 998सी/2010 दायर किया। ग्रामीण पंचोें ने उक्त मामले में समझौता कराकर सुलह करा लिया। इधर शुक्रवार को करीब साढे नौ बजे अंजुआ गाँव से किसी ने दूरभाष पर खबर दिया कि अनिता के पति, ससुर, ननदोई, ननद, सास और भसुर ने मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दिया है। शिकारपुर पुलिस के घटना स्थल पर पहुंचने के बाद मदन प्रसाद, सुशिला देवी(पत्नी)रंजीत कुमार, व अन्य के साथ अंजुआ पहुंचे तो पाया कि उनकी बेटी अनिता जली अवस्था में मृत पड़ी है। शिकारपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया भेज दिया है।
(अवधेश कुमार शर्मा)
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