
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद कीर्ति आजाद को बोलने की इजाजत नहीं दी। इस पर भाजपा नेता बिफर पड़े। मुख्यमंत्री अपनी 'सेवा यात्रा' के दौरान दरभंगा में एक बैठक में अधिकारियों से बात कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने बीच में टोका-टाकी की। इस पर नीतीश ने उन्हें "शांत रहने और कार्यवाही को ध्यान से सुनने के लिए कहा।" इसके बाद भाजपा नेता ने अपनी राय रखने के लिए एक मौका देने की मांग की।
भाजपा के नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस रवैये को जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन के लिए बुरा संकेत माना। बिहार में जदयू और भाजपा की गठबंधन सरकार है। भाजपा नेता चंद्र मोहन राय ने कहा, "गठबंधन राजनीति के लिए यह अच्छी चीज नहीं है। कीर्ति आजाद को अपनी राय रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था।"
भाजपा के एक अन्य नेता हरेंद्र प्रताप ने कहा, "जन प्रतिनिधियों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाना चाहिए। कीर्ति आजाद के साथ बुरा बर्ताव किया जाना अच्छी बात नहीं है।" पूर्व मुख्यमंत्री भगवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद दरभंगा के सांसद हैं। इस घटना के बाद उन्होंने नीतीश की बहुप्रचारित सेवा यात्रा को महज 'हेलीकॉप्टर यात्रा' कहकर कटु आलोचना की।
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने दिल्ली में रैली के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन पर सीधा प्रहार किया था। इसके बाद से भाजपा और जदयू के बीच का समीकरण डगमगा रहा है।
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