नई दवा नीति के विरोध में आल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर शुक्रवार को बिहार के सभी थोक और खुदरा दवा बिक्रेता अपनी-अपनी दुकानें बंद रखे हुए हैं, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। इस दौरान दुकानदारों ने जुलूस निकाला और धरना दिया। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) के अध्यक्ष परसन कुमार ने बताया कि राज्य के करीब 40 हजार दवा बिक्रेता अपनी-अपनी दुकानें बंद रखकर जिला और राज्य मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं और जुलूस निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि दवा व्यवसायियों का यह आंदोलन केन्द्र सरकार की प्रस्तावित नई दवा नीति के विरोध में है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
मरीजों की परेशानी को देखते हुए हालांकि पटना के प्रमुख नर्सिंग होम और पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) स्थित दवा दुकानों को बंद से मुक्त रखा गया है। परंतु यहां केवल जीवन रक्षक दवाएं ही मिल रही हैं। इधर, बीसीडीए के प्रदेश महासचिव अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि राजधानी पटना में दवा दुकानदारों ने पहले जुलूस निकाला, जो विभिन्न सड़कों से होते हुए ज़े पी़ गोलंबर पहुंचा, जहां सभी धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि दवा व्यवसाय में खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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