भारत : देश - संस्कृति - संस्कार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 13 मई 2013

भारत : देश - संस्कृति - संस्कार


भारत देश संस्कृति -संस्कार प्रधान देश मन जाता है .लेकिन भारत  घर - घर में बटवारा .समाज में बटवारा .पंचायात . राज्य में व देश में बटवारा करने व करने बाले बहुत से लोग है . आप ही देखे ले की आज श्री परसुराम भगवान् जी  जयंती की तैयारी हो   चुकी है .भगवान् जी हिन्दू धर्म के है विश्व के सभी हिन्दुओ के भगवान् है फिर लोगो ने भगवान्  भी   बटवारा कर दिया या कर लिया ..?  बर्तमान समय में लोगो का कहना है की श्री परसुराम भगवान् जी  तो ब्राह्मणों के देवता है और श्री परसुराम भगवान् जी  ने देश में ठाकुरों का 21 बार भारत भूमि से समाज विरो विहीन किया है .इस का इतिहास कार भी खंडन नहीं करते है क्यों की यदि सही बात इतिहास में आती है तो साबित  हो जाएगी की  श्री परसुराम भगवान् जी  ने ठाकुरों का नाश नहीं किया .उन्होंने तो .अन्याय .अत्याचार .आतंक का नाश किया आम जनता को किस प्रकार का राज्य मिलना चाहिए वह श्री परसुराम भगवान् जी  ने दिया . आप लोगो ने ब्राह्मणों को कितना सम्मान दिया या कितना अपमान यह तो ब्राह्मण ही जाने लेकिन भारत देश के ब्राह्मण एक होने का इतिहास न तो मिला है न मिलने की संभावना है .जिस दिन भारत देश के अन्दर एक ही ब्राह्मण श्री परसुराम भगवान् जी  की विचार धारा को अपना लेगा देश में अन्याय .अत्याचार .आतंक समाप्त हो जायेगा .आज परसुराम जयंती है .भारत देश के या विश्व के सभी हिन्दुओ को श्री परसुराम भगवान् जी  की आराधना करना चाहिए . 

जय जय श्री परसुराम भगवान् जी  





-संतोष गंगेले-
अध्यक्ष
गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब 

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