सरकार CBI का गलत इस्तेमाल करती है : सुप्रीम कोर्ट - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 1 मई 2013

सरकार CBI का गलत इस्तेमाल करती है : सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अब सीबीआई को सरकार के चंगुल से रिहा कराने की सख्त जरुरत है. सरकार पर ये आरोप है कि वो सीबीआई का गलत इस्तेमाल करती है और इस बार ये टिप्पणी की है सुप्रीम कोर्ट ने. देश की सर्वोच्च अदालत की इस टिप्पणी ने न केवल सरकार की किरकिरी कराई बल्कि विपक्ष के और सरकार को समर्थन दे रही पार्टियों के उस आरोप को और प्रमाणित कर दिया जिसमें सरकार पर सीबीआई के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगता रहा है.

कोयला घोटाले में जांच कर रही सीबीआई ने जैसे ही अदालत में ये राज खोला कि उसकी जांच रिपोर्ट को अदालत में आने से पहले सरकार में कई स्तरों पर देखा गया है. अदालत ने फिर एक और कड़ी प्रतिक्रिया दी कि क्या उसमें कोई बदलाव भी हुआ है, इस पर रिपोर्ट दीजिए.

सरकार पर सीबीआई के बेजा इस्तेमाल का आरोप अक्सर लगता रहा है. सरकार को जब-जब खुद के लिए समर्थन की जरुरत पड़ती है सीबीआई तब-तब हरकत में आ जाती है. 21 मार्च को सीबीआई ने करुणानिधि के बेटे स्टालिन के घर छापा मार दिया क्योंकि 19 मार्च को डीएमके ने सरकार से समर्थन वापस लिया था.  सवाल ये है कि डीआरआई और कस्टम की शिकायत पर सीबीआई अब क्यों जागी जब डीएमके ने समर्थन वापस ले लिया?

यहां तक कि समर्थन देने के बावजूद समाजवादी और मायावती दोनों सीबीआई के बेजा इस्तेमाल पर खफा है. मुलायम और मायावती ने तो एफडीआई की चर्चा के दौरान सदन में इस बात को जोर देकर कहा कि सरकार सीबीआई का इस्तेमाल कर उन्हें डरा रही है. टूजी केस में ए राजा के फंसने पर डीएमके को मजबूरन सरकार के साथ रहना पड़ा और हरियाणा के ओमप्रकाश चौटाला के टीचर भर्ती घोटाला को अंजाम तक पहुंचाने पर सीबीआई पर विरोधियों को फंसाने का आरोप लगा. साफ है कि सरकार चाहे लाख दावे करे लेकिन सीबीआई का दुरुपयोग साफ झलक जाता है. 

कोई टिप्पणी नहीं: