भाजपा ने अलगाव को विवश किया : शिवानंद तिवारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 15 जून 2013

भाजपा ने अलगाव को विवश किया : शिवानंद तिवारी

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने आज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी और फूट डालने वाला बताते हुए कहा कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने का आश्वासन नहीं देकर भाजपा ने हमें राजग के बाहर होने को विवश किया है। शिवानंद ने राजग से जदयू का अलग होना तय बताते हुए आज कहा कि इस संबंध में घोषणा की मात्र एक औपचारिकता बची है। उन्होंने मोदी को अहंकारी बताते हुए कहा कि यह उनके व्यक्तित्व और भाव-भंगिमा से झलकता है और उनके फूट डालने वाला स्वभाव भी सर्वविदित है जिसके कारण मुस्लिम समुदाय अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जदयू जैसा धर्मनिरपेक्ष दल इसकी अनुमति कैसे दे सकता है कि ऐसे अहंकारी और फूट डालने वाले व्यक्ति पर विश्वास कर उसे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाए।

शिवानंद ने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व यह परिलक्षित नहीं करता कि वे अपने साथ अधिक लोगों को जोड़ सकें और किसी को इसमें शक नहीं कि उनका नाम समाज को बांटने के लिए काफी है। भाजपा नेताओं ने कहा था कि मोदी को केवल चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया है न कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। उनकी इस दलील को खारिज करते हुए शिवानंद तिवारी ने कहा कि अगर उनके नेतृत्व में चुनाव प्रचार में सफलता मिलती है तो इसमें किसी को शक-शुबहा नहीं है कि वही प्रधानमंत्री पद पर आसीन होंगे। 

उन्होंने कहा कि जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मोदी से परहेज कोई नया नहीं है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव और वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय मोदी को राजग प्रत्याशियों के पक्ष में बिहार में प्रचार करने के लिए नहीं आने दिया गया था। वर्ष 2010 में पटना में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समय अखबारों में अपने साथ मोदी की तस्वीर छापे जाने से नाराज नीतीश ने भाजपा नेताओं के लिए अपने आवास पर दी गयी दावत को रद्द कर दिया था और कोसी त्रासदी के लिए गुजरात सरकार द्वारा दी गयी राशि को भी लौटा दिया था। 

कोई टिप्पणी नहीं: