महादलितों के द्वारा समवेत स्वरों से वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग उठने लगी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 21 जून 2013

महादलितों के द्वारा समवेत स्वरों से वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग उठने लगी

  • हुजूर, के पास डेढ़ साल के पहले 45 आवेदकों ने दिये थे आवेदन
  • सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया


बोध गया। गया जिले के बोध गया प्रखंड के अतिया टोला आनंदगढ़ में रहने वाले महादलित मुसहर समुदाय के 45 लोगों ने जिला पदाधिकारी महोदय के पास और राजस्व भूमि उप समाहर्ता को वेलेंटाइन दिवस के दिन 14 फरवरी,2013 को वासगीत पर्चा निर्गत करने के लिए सामूहिक आवेदन पत्र दिये थे। दोनों महाशय ने डेढ़ साल के बाद भी महादलितों का सहायक बनकर वासगीत पर्चा निर्गत नहीं करवा सके। 

गौरतलब यह है कि महादलित मुसहर समुदाय के लोग मालिक गैर मजरूआ (महन्थ, बोध गया)जमीन पर घर बनाकर 25 साल से रहते हैं। आवेदन देने के बाद राजस्व कर्मचारी चन्द्रभूषण सिंह के द्वारा गृह स्थल का सीमांकन भी किया गया। परन्तु डेढ़ साल के बाद भी वासगीत पर्चा निर्गत नहीं किया गया। वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग समवेत स्वरों में करने वालों में जुगेश्वर मांझी, संतोष मांझी, कृष्ण मांझी आदि हैं।

एक अन्य समाचार के अनुसार बाराचट्टी प्रखंड के दिवनिया पंचायत के तिलैया कला टोला धनिवाण के 22 महादलित मुसहर समुदाय के लोगों ने 19 फरवरी,2013 को अंचलाधिकारी महोदय को आवेदन दिये। यहां पर 30 वर्षों से रहते हैं। उसी तरह काहूदाग पंचायत के कोहवरी गांव के 58 महादलित मुसहर समुदाय के लोगों ने 23 फरवरी,2013 को अंचलाधिकारी महोदय को पेश किया। यहां पर 15 साल से रहते आ रहे हैं। 

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