बिहार में जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार विधानसभा में विश्वासमत हासिल हो जाने के बाद बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से ढाई घंटे तक बातचीत की थी, जिसे मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार देर शाम राजभवन जाकर राज्यपाल डी़ वाई़ पाटील से मुलाकात की। जद(यू) के एक नेता ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री वहां करीब ढाई घंटे तक रुके और राज्यपाल के साथ रात का खाना भी खाया। विश्वासमत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री की राज्यपाल से यह पहली मुलाकात थी।
इस मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें और तेज हो गई हैं, हालांकि दोनों ओर से इस मुलाकात के मकसद की कोई जानकारी मीडिया को नहीं दी गई। इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले रविवार को जद(यू) ने राजग से नाता तोड़ लिया था और मंत्रिमंडल से भाजपा के 11 मंत्रियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। भाजपा के 11 मंत्रियों का अतिरिक्त प्रभार अभी मुख्यमंत्री के पास है।
सूत्रों के अनुसार, विश्वासमत में सरकार के समर्थन में मतदान करने वाले चार निर्दलीय विधायकों को मंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा है। इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह से मंत्रिमंडल में शामिल होने के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में मतदान करने का फैसला पार्टी आलाकमान का था और मंत्रिमंडल में शामिल होने या न होने का फैसला भी दिल्ली में लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विश्वासमत के दौरान कांग्रेस के चार विधायकों ने भी नीतीश सरकार के पक्ष में मतदान किया था।

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