मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को कहा कि देश को वैकल्पिक नीतियां मुहैया कराने के लिए वह गैर कांग्रेस और गैर भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) दलों में एकजुटता का प्रयास करेगी। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने यहां मीडिया से कहा कि राजनीतिक मंथन, राजनीतिक गठजोड़ और पुनर्गठजोड़ की प्रकिया चल रही है। उन्होंने कहा, "यह क्या आकार लेता है, भविष्य की बात है, लेकिन हम देश को वैकल्पिक नीतियां मुहैया कराने के लिए गैर कांगेस और गैर भाजपा दलों की एकजुटता चाहते हैं। देश को वैकल्पिक नीतियों की जरूरत है।"
उन्होंने ममता बनर्जी के संघीय मोर्चा के आह्वान की खिल्ली भी उड़ाई। उन्होंने कहा, "महज घोषणा भर कर देने से मोर्चा नहीं गठित हो जाता। हमने ऐसे मौकों का सामना पूर्व में भी किया है। इस तरह के मोर्चे न तो टिकाऊ होते हैं और न ही लोगों का भरोसा जीत पाते हैं।" येचुरी ने कहा, "यह संभवत: अपनी सरकार की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने या राष्ट्रीय राजनीति में अपना महत्व बढ़ाने की राजनीतिक चाल हो सकती है।"
उन्होंने कहा कि देश में वामपंथ की दो धाराएं हैं। ये धाराएं कम्युनिस्ट वाम और समाजवादी वाम हैं। यदि ये दोनों धाराएं एकजुट हो जाती हैं, तो हम एक संभावनाशील राजनीतिक ताकत बन सकते हैं। उन्होंने कहा, "जुलाई में वामपंथी पार्टियों की बैठक होने जा रही है। गैर कांग्रेस व गैर भाजपा दलों के साथ हमलोग न केवल वैकल्पिक नीतियों पर चर्चा करेंगे, बल्कि अपनी नीतियों की घोषणा भी करेंगे।"

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