भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गठबंधन टूटने के तुरंत बाद जनता दल (युनाइटेड) को झिड़कते हुए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि गठबंधन विश्वास के आधार पर कार्य करता है। यहां भाजपा के युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, "कोई गठबंधन विश्वास के आधार पर चलता है।"
उन्होंने कहा, "वर्ष 2000 में जब भाजपा के 67 विधायक थे और जद(यू) के मात्र 34 थे, हमने कहा था कि जद(यू) हमारा छोटा भाई है..बिहार का मुख्यमंत्री जद(यू) से होना चाहिए। हमने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया था।" राजनाथ ने कहा, "जद(यू) ने गठबंधन क्यों तोड़ लिया? हमारी क्या गलती थी? उन्होंने हमारे 17 वर्षो के भावनात्मक रिश्ते को विघटित कर दिया।"
सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2014 के आम चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख के रूप में नियुक्ति के भाजपा के फैसले का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, "आम चुनाव में सफलता के लिए हमने मोदी को पार्टी के चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया है। क्या यह हमारी गलती है? प्रत्येक राजनीतिक दल किसी चुनाव के लिए प्रचार समिति बनाता है। जद(यू) सिर्फ इसी बात को लेकर नाराज हो गया और ऐसा पुराना रिश्ता तोड़ लिया।"
राजनाथ ने कहा, "यदि हमने नरेंद्र भाई (मोदी) को प्रचार समिति का प्रमुख बनाया तो क्या हमने एक सांप्रदायिक व्यक्ति को प्रमुख बनाया? यदि वर्ष 2002 में दुर्भाग्यवश गुजरात में दंगे हुए तो इसके लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार माना जाना चाहिए? ऐसे दंगे कांग्रेस के शासनकाल में भी हुए, लेकिन कोई उन्हें सांप्रदायिक नहीं कहता है।"
उल्लेखनीय है कि जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव ने रविवार को अपनी पार्टी के भाजपा के साथ गठबंधन टूटने की घोषणा की। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक के पद से भी इस्तीफा दे दिया। जद(यू) वर्ष 2002 के दंगे के लिए 'स्वीकृति' देने वाले के रूप में आरोपित नरेंद्र मोदी को प्रचार समिति का प्रमुख बनाए जाने से नाराज है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें