जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष शरद यादव ने रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में शरद ने कहा कि अब ऐसी स्थिति नहीं है कि वह इस पद पर बने रहें। उन्होंने जदयू के राजग से अलग होने की घोषणा भी की और कहा कि सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के समय जिस विश्वास से चलती थी, वह स्थिति अब नहीं है। गठबंधन विश्वास से चलता है और जब विश्वास ही नहीं रहा तो गठबंधन नहीं चल सकता।
जदयू अध्यक्ष ने कहा कि इस फैसले के पूर्व उन्होंने जदयू के कार्यकर्ताओं से लेकर सांसदों, विधायकों सहित अधिकारियों से चर्चा की है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन बचाने के लिए उनकी पार्टी प्रारंभ से ही कोशिश करती रही है। उन्होंने सहयोगी दल भाजपा पर राष्ट्रीय एजेंडे से भटकने का आरोप लगाते हुए कहा कि गठबंधन के समय एक एजेंडा तैयार हुआ था जिस पर दोनों दल चल रहे थे, मगर पिछले छह महीने से ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें लोग बार-बार एजेंडे को नजरअंदाज करते रहे हैं।

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