उत्तराखंड में कुदरत के कहर के एक सप्ताह बाद भी फंसे लोगों को नहीं निकाला जा सका है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक ही अब तक 50 हजार लोग आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हैं, जबकि 64 हजार लोगों को निकाला जा चुका है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने त्रासदी में 556 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। सीएम ने मरने वालों की संख्या में इजाफे से इनकार नहीं किया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड के कुछ इलाकों में रविवार से फिर बारिश हो सकती है। सुबह देहरादून में हल्की बारिश हुई भी है। बारिश का सिलसिला 26 जून तक जारी रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी होगी। ऐसे में रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें आ सकती हैं। बचावकर्मियों को अपना काम जल्दी पूरा करना होगा, क्योंकि खराब मौसम में हेलिकॉप्टर उड़ाना खतरनाक साबित हो सकता है।
यानी सेना और प्रशासन के पास लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए महज 48 घंटे हैं। आपदा प्रभावित 40 हजार वर्ग किमी. क्षेत्र से लोगों को निकालने के लिए सरकारी एजेंसियां और सेना ने पूरी ताकत झोंक दी हैं। सेना ने यहां आपरेशन 'सूर्य होप' के तहत 10 हजार जवानों और पैरा मिलिट्री को भी मैदान में उतारा है। शुक्रवार को राहत और बचाव कार्य में आर्मी-एयरफोर्स के 55 हेलिकॉप्टर लगे रहे। ये हेलिकॉप्टर शनिवार को भी अभियान में जुटे रहेंगे।
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