आडवाणी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ अपनी मुलाकात को पार्टी और राष्ट्रीय राजनीति के लिए बहुत सकारात्मक बताया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ अपनी मुलाकात को पार्टी के लिए तथा राष्ट्रीय राजनीति के लिए बहुत सकारात्मक बताया.
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भाजपा में कद बढ़ने के बाद रूठ गये आडवाणी संघ प्रमुख के हस्तक्षेप पर ही माने थे. गुरुवार को आडवाणी और मोदी दोनों ने पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया. आडवाणी ने शुक्रवार को भागवत के साथ पार्टी के मामलों पर और राष्ट्रीय राजनीति पर विचार-विमर्श किया. उनकी इस मुलाकात के दौरान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी भी मौजूद थे. बैठक के बाद आडवाणी ने कहा कि इस बातचीत से हमें पांच-छह राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजनीति को बदलने में मदद मिलेगी. हम बदलाव लाएंगे और देश को सही दिशा में ले जाएंगे.
मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने के बाद नाराज हुए आडवाणी की मीडिया के साथ यह पहली बातचीत थी. तब नाराज हुए आडवाणी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था लेकिन भागवत के हस्तक्षेप के बाद वह मान गये. इसके बाद दिल्ली में आडवाणी ने संघ प्रमुख से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया गया कि संघ पार्टी के मामलों पर उनके साथ नियमित चर्चा करेगा. उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख के उस आश्वासन के संदर्भ में ही शुक्रवार को बैठक हुई और चर्चा अच्छी रही.
आडवाणी ने कहा कि वह भाजपा के सदस्य हो सकते हैं लेकिन 14 साल की आयु से वह संघ परिवार से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे बीच सतत बातचीत होगी.
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