भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है, जब उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था।
गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है।
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