कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की लाजवाब पारी के दम पर भारत ने गुरुवार को हुए रोमांचक फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को एक विकेट से हराकर ट्राई सीरीज जीत ली है। 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुये आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 15 रन चाहिये था। धौनी (45 नाबाद) ने पहली चार गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर भारत को जीत दिला दी। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
भारत की ओर से रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 58 रन बनाये। उन्हें मैच के सर्वाधिक विश्वसनीय खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया। कम स्कोर वाले इस मैच में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। 23 रन के स्कोर पर शिखर धवन (16) के रूप में उसे पहला झटका लगा। वे शामिंडा एरंगा की एक शानदार गेंद का शिकार हुये। दो ओवर बाद विराट कोहली भी संगकारा को कैच थमा बैठे। इसके बाद रोहित शर्मा ने दिनेश कार्तिक (23) और सुरेश रैना (32) के साथ क्रमश: 50 और 62 रनों की साझेदारी की। 139 रन के स्कोर पर रोहित शर्मा के आउट होने के बाद तो तू चल मैं आया के अंदाज में भारत के बल्लेबाज एक छोर पर आउट होते रहे। दूसरे छोर पर धौनी पूरे संयम के साथ डटे रहे।
आखिरी दो ओवर में भारत को जीत के लिए 17 रनों की आवश्यकता थी और श्रीलंका को एक विकेट की। ईशांत शर्मा ने मैथ्यूज का पूरा ओवर सुरक्षित खेलकर भारत की उम्मीदों को बरकरार रखा। इस ओवर में उन्होंने दो रन बनाये। भारत के लिए अच्छी बात यह थी कि आखिरी ओवर में खुद कप्तान धौनी स्ट्राइक पर थे। ओवर शुरू होने से ठीक पहले भारी बल्ला मंगवाने वाले धौनी को एरंगा ने पहली गेंद पर जब छकाया तो मैदान पर मौजूद भारतीय दर्शकों की आह निकल गयी, लेकिन धौनी ने दूसरी गेंद को गेंदबाज के सिर के ऊपर से छह रनों के लिए सीमा रेखा के पार पहुंचाया।
अगली गेंद प्वाइंट बाउंड्री के बाहर चार रनों के लिए गयी। धौनी ने चौथी गेंद पर एकस्ट्रा कवर बाउंड्री के ऊपर से छक्का लगा कर भारत को दो गेंद शेष रहते जीत दिला दी। श्रीलंका की ओर से रंगाना हेराथ ने 10 ओवर में 20 रन देकर चार विकेट लिये, जबकि एरंगा ने धवन और कोहली का विकेट लिया। सुरंगा लकमल, एंजेलो मैथ्यूज और लसिथ मलिंगा के खाते में एक-एक विकेट आये।
इससे पहले भारत के धौनी ने टॉस जीतकर श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। खब्बू स्पिनर रवींद्र जडेजा (23 रन पर चार विकेट) और ऑफ स्पिनर रविचन्द्रन अश्विन (42 रन पर दो विकेट) की घूमती गेंदों के जाल में फंसकर श्रीलंका की टीम 48.5 ओवर में महज 201 रन पर ऑलआउट हो गयी।
श्रीलंका एक समय कुमार संगकारा (71) और लाहिरू थिरिमन्ने (46) के बीच तीसरे विकेट के लिए 122 रन की साझेदारी की बदौलत मजबूत स्कोर की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन अश्विन और जडेजा की फिरकी के आगे श्रीलंकाई बल्लेबाज चारों खानें चित्त हो गए। 171 पर दो के स्कोर के बाद o्रीलंका ने आखिरी आठ विकेट मात्र 30 रन के अंतराल पर 10.5 ओवर में गंवा दिये।
जडेजा और अश्विन के अलावा भारत की ओर से सफल गेंदबाज रहे भुवनेश्वर कुमार (24 रन पर दो विकेट) और ईशांत शर्मा (45 रन पर दो विकेट)। भुवनेश्वर ने सलामी बल्लेबाजों उपल थरंगा (11) और अपना 400वां वनडे खेल रहे महेला जयवर्धने (22) को 49 रन तक पवेलियन भेजकर भारत को आरंभिक सफलता दिलायी।
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