आईपीएल स्पाट फिक्सिंग प्रकरण में दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रायल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ को अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया है. दिल्ली पुलिस टीम ने पिछले बुधवार को बेंगलूर में पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के आवास में भारतीय दंड संहिता की धारा 161 के तहत उनका बयान दर्ज किया.
पुलिस ने कहा कि राहुल द्रविड़ के स्टार के दर्जे और लोगों की नजरों में उनके सम्मान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राज कुंद्रा की तरह उन्हें अपने कार्यालय में तलब नहीं किया.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार द्रविड़ ने अपने बयान में कहा कि जब उन्होंने पहली बार इन खबरों के बारे में सुना तो वह एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला के बर्ताव से ठगा हुआ महसूस कर रहे थे. पुलिस ने द्रविड़ से पूछा कि क्या उन्हें कोई आभास था कि ये तीनों खिलाड़ी कमतर प्रदर्शन कर रहे हैं या इन्हें अंतिम एकादश में चुनने के लिए कोई दबाव था. द्रविड़ ने अपने बयान में कहा, ‘‘इन खिलाड़ियों को लेकर मुझे कभी कोई संदेह नहीं था. मैं प्रत्येक मैच के आधार पर टीम का चयन किया करता था.’’ अधिकारी ने कहा कि इस मामले में द्रविड़ की ओर कोई अंगुली नहीं उठाई गई है. उन्होंने इस दागी तिकड़ी पर शिंकजा कसने और मजबूत आरोपपत्र दाखिल करने के लिए उनका बयान दर्ज किया है.
विशेष प्रकोष्ठ ने राजस्थान रायल्स के कोच पैडी उपटन के बयान दर्ज करने की योजना भी बनाई है जो अभी दक्षिण अफ्रीका में हैं. अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत लौटने पर उपटन को भी अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया जा सकता है.’’
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