अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करने से डरती हैं. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 14 जुलाई 2013

अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करने से डरती हैं.

अमेरिका के कुछ नेताओं का कहना है कि भले ही भारत सरकार आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ा रही हो, लेकिन अमेरिकी कंपनियां वहां निवेश को लेकर पिछले कुछ सालों की तुलना में अब अधिक चिंतित हैं।

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि माइक फ्रोमेन तथा हनीवेल के सीईओ डेविड कोटे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत को अनेक नीतिगत मुद्दों पर अमेरिकी कंपनियों की चिंताओं को दूर करना होगा ताकि वह बुनियादी ढांचा सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर सके।

उन्होंने कहा है कि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार चीन की तुलना में बहुत कम है और मुख्य मुद्दों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही इन दोनों नेताओं ने कहा कि भारत के प्रमुख नेता सुधारों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। फ्रोमेन व कोटे भारत-अमेरिका सीईओ मंच के को-चेयर भी हैं।

उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री पी. चिदंबरम, वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया सुधारों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हालांकि यह उतना नहीं हो रहा जितना वे करना चाहेंगे।' इन दोनों नेताओं ने फोगी बॉटम मुख्यालय में मंच की बैठक के बाद पीटीआई को विशेष इंटरव्यू में कहा कि भारत के साथ मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।

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